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श्रीअन्न की महक से सजा पोला ग्राउंड,मिलेट्स मेला बना किसानों के लिए ज्ञान और सेहत का उत्सव…

श्रीअन्न की महक से सजा पोला ग्राउंड…

मिलेट्स मेला बना किसानों के लिए ज्ञान और सेहत का उत्सव…

विशेष रिपोर्ट -ठा. रामकुमार राजपूत

छिंदवाड़ा(पंचायत दिशा समाचार ) किसान कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत पोला ग्राउंड (दशहरा मैदान) में आयोजित जिला स्तरीय मिलेट्स मेला किसानों और आम नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। श्रीअन्न (मिलेट्स) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस तीन दिवसीय मेले में दूसरे दिन विभिन्न विकासखंडों से आए करीब 500 किसानों ने भाग लेकर उन्नत खेती की तकनीक और मिलेट्स के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी प्राप्त की।

मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कोदो, कुटकी, सवां, ज्वार, बाजरा और रागी की उन्नत खेती के बारे विस्तार से जानकारी दी


मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कोदो, कुटकी, सवां, ज्वार, बाजरा और रागी की उन्नत खेती, प्रसंस्करण और विपणन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने किसानों और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि दैनिक आहार में मिलेट्स को शामिल कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सकती है, साथ ही यह किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर माध्यम भी है।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने कहा कि मिलेट्स “अमृत तुल्य आहार”

कृषि विज्ञान केन्द्र चंदनगांव के वैज्ञानिक डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने कहा कि मिलेट्स “अमृत तुल्य आहार” हैं, जिनके नियमित सेवन से शरीर को पोषण मिलता है और कई बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने कोदो, कुटकी और रागी की नवीन किस्मों तथा मिलेट्स प्रसंस्करण से जुड़े आधुनिक यंत्रों की जानकारी भी किसानों को दी।

कृषि विज्ञान केन्द्र देलाखारी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. राउत ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के बताया उपाय

कृषि विज्ञान केन्द्र देलाखारी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. राउत ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के उपाय बताते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जमीन की उर्वरता बनाए रखना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है।

मेले में लगे विविध स्टॉल लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र

मेले में लगे विविध स्टॉल लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। पातालकोट और वनभोज की पारंपरिक रसोई, स्व-सहायता समूहों के उत्पाद, टेराकोटा सजावटी सामग्री, बीज बैंक, आदिवासी बाजार, हस्तनिर्मित पेंटिंग और बोनसाई पौधों की प्रदर्शनी ने मेले की रौनक बढ़ा दी।

मिलेट्स मेला केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि खेती, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का संदेश देने वाला जनउत्सव..

कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और किसानों की सक्रिय भागीदारी से मिलेट्स मेला केवल प्रदर्शनी नहीं बल्कि खेती, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का संदेश देने वाला जनउत्सव बन गया है।जिला प्रशासन ने नागरिकों से परिवार सहित मेले में पहुंचकर श्रीअन्न से बने व्यंजनों का स्वाद लेने और किसानों के प्रयासों को प्रोत्साहित करने की अपील की है। मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक संचालित किया जा रहा है।

मिलेट्स मेले में बीज बैंक और पारंपरिक श्रीअन्न प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र

मिलेट्स मेले में बीज बैंक और पारंपरिक श्रीअन्न प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जहां महिला किसानों और स्व-सहायता समूहों द्वारा कोदो, कुटकी, रागी, सवां सहित विभिन्न मिलेट्स की किस्मों का प्रदर्शन किया गया। किसानों को पारंपरिक बीज संरक्षण और जैविक खेती की जानकारी भी दी गई।

मेले के सांस्कृतिक मंच पर लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीमेले के सांस्कृतिक मंच पर लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति देकर दर्शकों को आकर्षित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मेले को उत्सव का रूप दे दिया और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली।