डम्पर रोकना पड़ा भारी: नायब तहसीलदार से अभद्रता कर रेत माफिया वाहन छुड़ाकर फरार!
जिले भर के राजस्व अधिकारियों में आक्रोश, पुलिस जांच में जुटी
छिंदवाड़ा/मोहखेड़। जिले में अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने पहुंचे नायब तहसीलदार के साथ कथित अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। घटना के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है, वहीं पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहखेड़ क्षेत्र में छिंदवाड़ा-बैतूल हाईवे स्थित मलंग ढाबा के समीप राजस्व विभाग की टीम अवैध रेत परिवहन की जांच कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर और रेत से भरे वाहनों को रोककर दस्तावेजों की जांच की जा रही थी। बताया जा रहा है कि आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर संबंधित वाहन को पुलिस अभिरक्षा में लेने की प्रक्रिया चल रही थी।
इसी बीच वाहन चालक द्वारा अपने मालिक को सूचना देने के बाद कुछ लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां पहुंचे लोगों ने नायब तहसीलदार एवं उनके स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की तथा मोबाइल फोन छीनकर रेत से भरा वाहन मौके से लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान हाईवे पर अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई।
सूत्रों के मुताबिक घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस बल समय पर नहीं पहुंच पाने से आरोपी मौके से भाग निकले। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस पहुंच जाती तो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था।
घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप पर पुलिस ने आरोपी आशिफ खान एवं अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपियों और कथित रूप से उपयोग की गई थार वाहन की तलाश में जुटी हुई है।
राजस्व अधिकारियों में नाराजगी
घटना को लेकर जिलेभर के राजस्व अधिकारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यवाही करने पहुंचे अधिकारियों के साथ इस प्रकार की घटनाएं होती रहीं तो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
जिले में इससे पहले भी रेत एवं गौण खनिज तस्करी से जुड़े मामलों में राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों पर हमले एवं विवाद की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हालांकि पूरे मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और आरोपों की पुष्टि जांच उपरांत ही हो सकेगी।








