वोटर लिस्ट पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
SIR को लेकर उठे सवालों ने पकड़ा तूल, कलेक्टर कार्यालय तक गरजी कांग्रेस; मतदाता सूची में बदलाव का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग
छिंदवाड़ा। मतदाता सूची के पुनरीक्षण SIR (Special Intensive Revision) को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को छिंदवाड़ा में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली। कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर नारेबाजी की और बाद में कलेक्टर के माध्यम से मुख्य चुनाव
आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नामों को हटाने और जोड़ने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने मांग की कि मतदाता सूची में हुए प्रत्येक बड़े बदलाव का आंकड़ों और दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाए।
‘आयोग के भीतर उठे सवालों का जवाब कौन देगा?’
प्रदर्शन के दौरान विश्वनाथ ओक्टे ने हाल में सामने आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन मुद्दों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण, नए मतदाताओं के पंजीयन, नाम हटाने-बहाल करने और Form-6 से जुड़े फैसले शामिल बताए गए हैं।
ओक्टे ने सवाल उठाया कि जब निर्वाचन आयोग के भीतर ही महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को लेकर लिखित आपत्तियां सामने आई हैं, तो उन आपत्तियों पर क्या निर्णय हुआ और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे हैं।
SIR पर कांग्रेस का सीधा सवाल—किस आधार पर बदली मतदाता सूची?
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में किसी पात्र मतदाता का नाम हटना बेहद गंभीर विषय है। पार्टी ने मांग की कि SIR के दौरान हटाए गए, जोड़े गए और पुनः बहाल किए गए नामों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि आम मतदाता स्वयं अपने रिकॉर्ड की जांच कर सके।
वहीं, निर्वाचन आयोग ने विपक्ष की ओर से लगाए गए व्यापक आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की प्रक्रिया के अनुसार लिए गए।
‘हर मतदाता को मिले जांच और आपत्ति का पूरा अधिकार’
कांग्रेस ने ज्ञापन के जरिए मांग की कि मतदाताओं को अपनी प्रविष्टि जांचने, गलत नाम अथवा विवरण पर आपत्ति दर्ज कराने तथा आवश्यक होने पर अपील करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची केवल कागज का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आधार है। इसलिए सूची में किसी भी तरह के बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और संबंधित सवालों का जवाब दस्तावेजों के साथ दिया जाना चाहिए।
छिंदवाड़ा से उठी मांग—SIR का पूरा डेटा हो सार्वजनिक
प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर SIR को लेकर चल रही बहस को तेज कर दिया है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची में हुए बदलाव, आपत्तियों और उनके निराकरण की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। अब निगाहें प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की ओर हैं कि स्थानीय स्तर पर उठाए गए इन सवालों पर क्या तथ्यात्मक जवाब सामने आता है।
आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं; निर्वाचन आयोग का पक्ष अलग है। स्थानीय स्तर पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।








