Home STATE गर्भवती महिला से कथित मारपीट पर फूटा गुस्सा, किरनापुर थाने का घेराव

गर्भवती महिला से कथित मारपीट पर फूटा गुस्सा, किरनापुर थाने का घेराव

गर्भवती महिला से कथित मारपीट पर फूटा गुस्सा, किरनापुर थाने का घेराव

मरार माली समाज की विशाल आक्रोश रैली, दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी और FIR की मांग; पांच पुलिसकर्मी निलंबित, SIT जांच जारी

बालाघाट/किरनापुर। किरनापुर थाने में दो माह की गर्भवती महिला और उसके पति के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट एवं बर्बरता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में मंगलवार को मरार माली समाज का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। समाज के हजारों लोगों ने विशाल आक्रोश रैली निकालकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किरनापुर थाने का घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कथित पुलिस बर्बरता के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

चोरी के संदेह में हिरासत, मारपीट के आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, किरनापुर थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस में 21 अगस्त 2026 को हुई चोरी के संदेह में सावित्री बाई और उनके पति को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का आरोप है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस ने उन्हें थाने लाकर बर्बरतापूर्वक मारपीट की। महिला के दो माह की गर्भवती होने के बावजूद उसके साथ कथित दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

बताया जा रहा है कि पीड़ित पक्ष ने 7 सितंबर को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामला सामने आया और पुलिस कार्रवाई शुरू हुई। हालांकि, हिरासत में लिए जाने की तारीख को लेकर उपलब्ध जानकारी में असंगति है। पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पांच पुलिसकर्मी निलंबित, तीन सदस्यीय SIT गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने तत्कालीन थाना प्रभारी उप-निरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, महिला आरक्षक मेघा टेकाम सहित दो अन्य आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

निलंबन से संतुष्ट नहीं समाज, बर्खास्तगी और FIR की मांग

मरार माली समाज का कहना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। समाज ने पीड़ित महिला और उसके पति को न्याय दिलाने तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

थाने के बाहर बढ़ा तनाव, प्रशासन अलर्ट

दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र रूप लेने लगा। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से थाने के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दी गई। प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के प्रयास किए जाने की जानकारी है।

पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें SIT जांच की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

नोट: खबर में शामिल मारपीट, गर्भावस्था के दौरान कथित बर्बरता और हिरासत से जुड़े आरोप पीड़ित पक्ष/प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। पुलिस का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।