आदिवासी मुद्दों पर गरजे जीतू पटवारी, बोले- हर आदिवासी ब्लॉक में करेंगे आंदोलन
कुपोषण पर सरकार को घेरा, बोले- अति कुपोषित बच्चे को ₹12 और कुपोषित को ₹9 प्रतिदिन, क्या इतनी राशि पर्याप्त है?
स्वास्थ्य, रोजगार और कुपोषण को लेकर मोहन सरकार पर साधा निशाना, होम टेक राशन वितरण को लेकर भी उठाए सवाल
बालाघाट। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी मंगलवार को बालाघाट पहुंचे। आदिवासी अंचलों की समस्याओं को लेकर आयोजित जनसभा और न्याय यात्रा के दौरान उन्होंने प्रदेश की मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा। स्वास्थ्य, रोजगार, कुपोषण और आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरते हुए पटवारी ने कहा कि यदि सरकार इन गंभीर समस्याओं पर ध्यान नहीं देगी तो कांग्रेस हर आदिवासी ब्लॉक में आंदोलन करेगी।
कुपोषण पर सरकार से सीधा सवाल
जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश में आदिवासी बच्चों के कुपोषण को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से अति कुपोषित बच्चों के लिए प्रतिदिन ₹12 और कुपोषित बच्चों के लिए ₹9 दिए जाते हैं। सवाल यह है कि क्या इतनी राशि कुपोषण से लड़ने के लिए पर्याप्त है?
उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति को गंभीर बताते हुए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। पटवारी ने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्य होना चाहिए।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र का हवाला देकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकती सरकार
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आदिवासी क्षेत्रों में विकास की धीमी गति को लेकर भी प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की मोहन सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण इन इलाकों में विकास नहीं हो पाने की बात कहती है, लेकिन केवल यह कह देने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकती।
उन्होंने कहा कि सरकार को आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रभावी रूप से काम करना चाहिए। आदिवासी क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी सरकार की है और इसे गंभीरता से निभाया जाना चाहिए।
सरकारी रिपोर्ट का हवाला, आदिवासी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत कुपोषण का दावा
पटवारी ने अपने संबोधन में सरकारी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में वर्तमान स्थिति में भी करीब 25 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं। उन्होंने इस आंकड़े को लेकर सरकार की योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारी योजनाओं के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में बच्चे कुपोषण का सामना कर रहे हैं तो सरकार को अपनी कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
मार्च से होम टेक राशन वितरण नहीं होने का आरोप
आदिवासी बच्चों के पोषण से जुड़े होम टेक राशन को लेकर भी जीतू पटवारी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च महीने से होम टेक राशन का वितरण नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब बच्चों के पोषण के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं, तो फिर राशन वितरण में इतनी लंबी अवधि का अंतर क्यों है?
उन्होंने इस मामले में जवाबदेही तय करने और पात्र बच्चों तक पोषण संबंधी सुविधाएं नियमित रूप से पहुंचाने की मांग की।
न्याय यात्रा में उमड़े कांग्रेस कार्यकर्ता
जीतू पटवारी के बालाघाट आगमन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जनसभा के बाद आदिवासी मुद्दों और अन्य जनसमस्याओं को लेकर न्याय यात्रा निकाली गई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं के निराकरण की मांग की।
पटवारी ने कहा कि आदिवासी समाज के स्वास्थ्य, रोजगार और पोषण से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी। यदि सरकार ने इन समस्याओं पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
सरकार से सवाल: आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण की स्थिति, होम टेक राशन वितरण में देरी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर सरकार क्या ठोस कदम उठाएगी? यह सवाल अब राजनीतिक बहस के साथ-साथ आदिवासी अंचलों में भी चर्चा का विषय बन गया है।








