मंत्री के आदेश का पालन करेंगे सहायक आयुक्त?
छिंदवाड़ा-पांढुर्णा के छात्रावासों में रात की निगरानी पर उठे सवाल
क्या छात्रावासों में रात में रहते हैं अधीक्षक-अधीक्षिका? क्या हो रहा है औचक निरीक्षण?
छिंदवाड़ा/पांढुर्णा। बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले के बाद शासन स्तर से आदिवासी छात्रावासों की व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाई जा रही है। मंत्री द्वारा छात्रावासों में तैयार भोजन को विद्यार्थियों को परोसने से ठीक पहले उसकी फोटो खींचकर विभागीय पोर्टल अथवा ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले में भी मंत्री के इन निर्देशों का उसी गंभीरता से पालन कराया जाएगा? क्या सहायक आयुक्त स्तर से छात्रावासों की नियमित निगरानी की जा रही है? क्या भोजन की फोटो निर्धारित समय पर पोर्टल पर अपलोड हो रही है और उसकी वास्तविकता की जांच भी की जा रही है?
रात में छात्रावासों की निगरानी पर भी सवाल
छात्रावासों की व्यवस्था केवल दिन के समय की गतिविधियों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों की सुरक्षा और अनुशासन की दृष्टि से यह भी महत्वपूर्ण है कि क्या अधीक्षक-अधीक्षिकाएं निर्धारित व्यवस्था के अनुसार रात में छात्रावास में उपस्थित रहते हैं?
इसी को लेकर विभाग से यह सवाल भी उठ रहा है कि छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के आदिवासी छात्रावासों में रात के समय औचक निरीक्षण कितनी बार किया जाता है? निरीक्षण के दौरान अधीक्षक/अधीक्षिका की उपस्थिति, विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं की जांच की जाती है या नहीं?
कागजों की निगरानी या जमीन पर भी जांच?
मंत्री के निर्देशों के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भोजन की फोटो केवल पोर्टल पर अपलोड करने तक व्यवस्था सीमित रहती है या विभागीय अधिकारी जमीन पर पहुंचकर उसकी वास्तविकता भी जांचते हैं। यदि फोटो अपलोड हो रही है, तो क्या यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि वही भोजन विद्यार्थियों को परोसा गया है और उसकी गुणवत्ता निर्धारित मापदंड के अनुरूप है?
छात्रावासों में रहने वाले आदिवासी विद्यार्थियों की सुरक्षा, भोजन और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही गंभीर विषय है। इसलिए विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित एवं औचक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी बनाना आवश्यक माना जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि मंत्री के सख्त निर्देशों का छिंदवाड़ा-पांढुर्णा में कितना प्रभावी पालन होता है और सहायक आयुक्त स्तर से छात्रावासों की रात की व्यवस्थाओं की वास्तविक निगरानी कितनी की जाती है।
नोट: छात्रावासों में अधीक्षक/अधीक्षिका की रात में उपस्थिति, निरीक्षण की स्थिति और भोजन की फोटो अपलोड व्यवस्था से संबंधित विभागीय पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








