गोटमार मेले को लेकर कलेक्टर ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश…
10 सितंबर शाम 4 बजे से 12 सितंबर सुबह 8 बजे तक प्रभावशील रहेंगे प्रतिबंध..
पांढुर्णा, / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने जिले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले पारंपरिक गोटमार मेले के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आमजन की सुरक्षा तथा किसी भी अप्रिय स्थिति की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 10 सितंबर 2026 की शाम 4 बजे से 12 सितंबर 2026 की सुबह 8 बजे तक प्रभावशील रहेगा।
मेले के दौरान हथियार एवं गोफन का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित
जारी आदेश के अनुसार नगर पालिका क्षेत्र पांढुर्णा एवं गोटमार मेला क्षेत्र में किसी भी प्रकार के धारदार अथवा घातक हथियार, जैसे चाकू, लोहे की छड़, लाठी, तलवार, भाला, बरछी, फरसा, गंडासा, गोफन एवं अन्य शस्त्र/हथियार लेकर चलना तथा उनका सार्वजनिक प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। ग्राम सावरगांव एवं पांढुर्णा के मध्य स्थित गोटमार मेला स्थल तक पहुंच मार्ग पर गुजरी चौक से हनुमंती वार्ड एवं ग्राम बम्हनी की ओर जाने वाले मार्ग के दोनों ओर अस्थायी दुकानें/ठेले लगाए जाना प्रतिबंधित रहेगा।
मेला स्थल तथा उसके आसपास 500 मीटर की परिधि में स्थित पांढुर्णा एवं सावरगांव क्षेत्र के संबंधित वार्डों में किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे एवं उच्च तीव्रता वाले वाद्य यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है।

सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार पर भी रोक
आदेश के तहत व्हाट्सएप, यू-ट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऐसी धार्मिक अथवा सामाजिक सामग्री का प्रसारण, प्रचार-प्रसार, पोस्ट अथवा फॉरवर्ड करना प्रतिबंधित रहेगा, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों, सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो अथवा भ्रामक/अफवाहजनक समाचार या सामग्री का प्रसार हो।
कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उद्देश्य गोटमार मेले के दौरान लोक शांति, मानव जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश शासकीय एवं अर्द्धशासकीय निकायों, पुलिस कर्मियों तथा उन अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें जिला प्रशासन अथवा पुलिस प्रशासन द्वारा मेले के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विधिवत ड्यूटी पर नियुक्त किया गया है अथवा जिन्हें शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन हेतु संबंधित उपकरणों के उपयोग की आवश्यकता है।








