Home CITY NEWS छोटे से गांव के किसान पुत्र चंद्रप्रकाश का दिल्ली एम्स में चयन,...

छोटे से गांव के किसान पुत्र चंद्रप्रकाश का दिल्ली एम्स में चयन, बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में NEET में हासिल किए 618 अंक,

छोटे से गांव के किसान पुत्र चंद्रप्रकाश का दिल्ली एम्स में चयन
बिना कोचिंग पहले ही प्रयास में NEET में हासिल किए 618 अंक, नर्सिंग छोड़कर शुरू की थी मेडिकल की तैयारी

रिपोर्ट -रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा/चौरई। चौरई विकासखंड के छोटे से ग्राम कलकोटी निवासी किसान परिवार के बेटे चंद्रप्रकाश वर्मा ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चंद्रप्रकाश का चयन दिल्ली एम्स में चिकित्सा शिक्षा के लिए हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवार सहित ग्राम कलकोटी और क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
चंद्रप्रकाश के पिता रामनंदन वर्मा किसान हैं और उनके पास करीब डेढ़ एकड़ कृषि भूमि है। इसी भूमि पर खेती-किसानी कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में तीन बेटियां और एक पुत्र चंद्रप्रकाश है।
नर्सिंग छोड़कर शुरू की NEET की तैयारी
चंद्रप्रकाश ने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई डीपी मिश्रा स्कूल, चौरई से की। इसके बाद उन्होंने नर्सिंग की पढ़ाई के लिए देहरादून में प्रवेश लिया था। हालांकि, डॉक्टर बनने के लक्ष्य को लेकर उन्होंने बीच में ही नर्सिंग की पढ़ाई छोड़ दी और छिंदवाड़ा आकर NEET की तैयारी शुरू कर दी।
चंद्रप्रकाश के मुताबिक उन्होंने बिना किसी कोचिंग के NEET की तैयारी की। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने 720 में से 618 अंक हासिल किए और मेरिट सूची में स्थान बनाते हुए मेडिकल कॉलेज चयन के लिए पात्रता हासिल की।
NOC के कारण अटका था कॉलेज चयन..
NEET परिणाम आने के बाद कॉलेज चयन के लिए आवेदन करते समय उनके सामने तकनीकी समस्या आ गई। देहरादून के नर्सिंग कॉलेज में उनका पूर्व प्रवेश होने के कारण उन्हें वहां से NOC की आवश्यकता थी। परिवार के अनुसार, काफी प्रयासों के बावजूद NOC मिलने में देरी हो रही थी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की अंतिम तिथि भी नजदीक आ रही थी।
इस दौरान चंद्रप्रकाश ने सांसद बंटी विवेक साहू से संपर्क कर समस्या बताई। उनके अनुसार सांसद ने देहरादून के संबंधित नर्सिंग कॉलेज से संपर्क कर NOC दिलाने में सहयोग किया। NOC मिलने के बाद चंद्रप्रकाश ने तत्काल कॉलेज चयन की प्रक्रिया पूरी की, जिसके बाद उनका चयन दिल्ली एम्स में हो गया।
चंद्रप्रकाश ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत, परिवार के सहयोग से सफलता प्राप्त किया..
गांव से एम्स तक का सफर बना प्रेरणा
महज डेढ़ एकड़ जमीन पर खेती करने वाले किसान परिवार से निकलकर दिल्ली एम्स तक पहुंचने वाले चंद्रप्रकाश की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनी है। बिना कोचिंग के पहले ही प्रयास में NEET में 618 अंक हासिल कर उन्होंने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लक्ष्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।