जनजातीय कार्य विभाग के इंजीनियर पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप
परासिया के छात्रावासों में बिना कार्य बिल भुगतान की शिकायत, भौतिक सत्यापन कराने की मांग
छिंदवाड़ा। विशेष संवाददाता।
जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा एक बार फिर शिकायतों के घेरे में है। विभाग में पदस्थ एक इंजीनियर के विरुद्ध विकासखंड परासिया के छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में निर्माण कार्यों से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी गई है। शिकायतकर्ता योगेश राय, निवासी छिंदवाड़ा ने आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग भोपाल, कलेक्टर छिंदवाड़ा तथा सहायक आयुक्त को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, निविदा क्रमांक 2025_TAD_400776_1 एवं 2026_TAD_477500_1 के तहत कार्य आवंटन और बिल भुगतान की प्रक्रिया में अनियमितताएं बरते जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि निविदा से जुड़े दस्तावेजों एवं प्रमाण-पत्रों का समुचित परीक्षण किए बिना कार्य आवंटित किए गए। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ स्थानों पर पूर्व में पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों को दोबारा दर्शाकर उनके बिल प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित इंजीनियर के पास वर्तमान में विकासखंड परासिया का अतिरिक्त प्रभार है। शिकायतकर्ता ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते जांच नहीं कराई गई तो शासन को आर्थिक क्षति हो सकती है।
भौतिक सत्यापन कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि विकासखंड परासिया के छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में दर्शाए गए निर्माण कार्यों का स्वतंत्र भौतिक सत्यापन कराया जाए, स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का मिलान किया जाए तथा जांच पूरी होने तक संबंधित बिलों के भुगतान पर आवश्यक निर्णय लिया जाए।
विभाग का पक्ष नहीं मिल सका
समाचार प्रकाशित किए जाने तक जनजातीय कार्य विभाग के संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। विभाग की ओर से प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा सक्षम अधिकारियों को सौंपे गए लिखित आवेदन एवं उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम जांच एजेंसी अथवा विभागीय जांच से होना शेष है।








