जहरीली शराब कांड: पीड़ितों से मिले उमंग सिंघार, बोले— जनता संकट में और मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर; 25 लाख मुआवजे की मांग
सागर/बंडा।
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में सामने आए कथित जहरीली शराब कांड के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सागर पहुंचे और बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में भर्ती प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों और गांवों का दौरा करने की बात कही।
पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उमंग सिंघार ने राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
आबकारी विभाग और प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।
सिंघार ने आरोप लगाया कि अवैध शराब के कारोबार को रोकने में प्रशासन और आबकारी विभाग पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में यह जांच होना जरूरी है कि आखिर जिम्मेदार एजेंसियों को इसकी जानकारी थी या नहीं और समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
‘जनता संकट में और मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर’
सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री के विदेश दौरे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गंभीर मानवीय त्रासदी सामने आई है, प्रभावित परिवार संकट में हैं और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे गंभीर घटनाक्रम के दौरान शासन-प्रशासन को पीड़ित परिवारों के बीच रहकर राहत और उपचार की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करनी चाहिए।
पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने जहरीली शराब कांड से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी उठाई। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने तथा प्रभावित लोगों के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई और बयान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राजनीतिक आरोपों के बीच जांच पर टिकी नजर
जहरीली शराब कांड को लेकर विपक्ष के हमलावर रुख के बाद प्रदेश की राजनीति और गरमा गई है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच, दोषियों की जिम्मेदारी तय होने और पीड़ित परिवारों को मिलने वाली सहायता पर टिकी हुई हैं। मामले में सरकार और प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।








