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पुलिस अभिरक्षा में खड़े ट्रक से राशन परिवहन के फर्जी बिल! तीन पर FIR

पुलिस अभिरक्षा में खड़े ट्रक से राशन परिवहन के फर्जी बिल! तीन पर FIR

रवींद्र कुमरे के भ्रष्टाचार प्रकरण में गवाह बना श्याम पाल अब खुद फर्जीवाड़े के मामले में नामजद, पुलिस जांच में खुली नई परत!

थानाप्रभारी जे. मसराम के नेतृत्व में जांचअधिकारी उपथानाप्रभारी मुकेश डोंगरे की कड़ी कार्यवाही!

छिंदवाड़ा (जुन्नारदेव) शासकीय खाद्यान्न परिवहन में कथित फर्जीवाड़े और फर्जी दस्तावेजों के जरिए शासन से भुगतान प्राप्त करने के मामले में जुन्नारदेव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में ट्रक मालिक एवं सेक्टर-15 के हितग्राही श्याम पाल, राशन प्रदाय केंद्र घुट्टी के प्रभारी मनोज पचलिया तथा कंप्यूटर ऑपरेटर प्रकाश यादव को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 336(2), 336(3), 340(2), 344 एवं 49 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अभिरक्षा में खड़ा था ट्रक, फिर भी बन गए परिवहन के बिल

पुलिस से मिली जानकारी और शिकायत के आधार पर सामने आए तथ्यों के अनुसार, ट्रक मालिक श्याम पाल का ट्रक क्रमांक एमपी-04-एचई-1270 दुर्घटना के बाद 10 मार्च 2026 से 13 मार्च 2026 तक कुंडीपुरा थाना पुलिस की अभिरक्षा में खड़ा था। आरोप है कि इसके बावजूद राशन परिवहन दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज और कुल 11 ट्रक चिट/बिल तैयार किए गए।

जांच में सामने आया कि जीपीएस ट्रैकिंग के अनुसार उक्त ट्रक 61 घंटे से अधिक समय तक एक ही स्थान पर खड़ा रहा। इसके बावजूद परिवहन संबंधी दस्तावेज तैयार कर शासन से ₹16,554 मासिक किराये की राशि कथित रूप से प्राप्त की गई।

मामले में आवेदिका निर्मला पाल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई, जिसमें कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप सामने आए। पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

रवींद्र कुमरे के भ्रष्टाचार के प्रकरण में गवाह बना श्याम पाल अब खुद सवालों के घेरे में

इस पूरे मामले का सबसे चर्चित पहलू यह है कि रवींद्र कुमरे के भ्रष्टाचार प्रकरण में गवाह के तौर पर सामने आए श्याम पाल का नाम अब एक अलग कथित खाद्यान्न परिवहन फर्जीवाड़े में आरोपी के रूप में सामने आया है। ऐसे में अब इस मामले ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं?

थाना प्रभारी जे. मसराम और उप थाना प्रभारी मुकेश डोंगरे की कार्रवाई से चालबाज माफियाओं में भय व्याप्त

मामले में थाना प्रभारी श्रीमती जे. मसराम के निर्देशन में उप थाना प्रभारी मुकेश डोंगरे द्वारा प्रकरण दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस द्वारा जीपीएस रिकॉर्ड, ट्रक की पुलिस अभिरक्षा और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को जांच के दायरे में लाना मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

थाना प्रभारी श्रीमती जे. मसराम के नेतृत्व और उप थाना प्रभारी मुकेश डोंगरे की सक्रियता से हुई इस कार्रवाई को शासकीय खाद्यान्न व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर पुलिस की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ इस कथित फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित लोगों की भूमिका भी सामने आने की उम्मीद है।