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किसानों की जीत: विरोध के बाद झुकी व्यवस्था, अब केन में मिलेगा 50 लीटर डीजल..

किसानों की जीत: विरोध के बाद झुकी व्यवस्था, अब केन में मिलेगा 50 लीटर डीजल
खरीफ सीजन में किसानों को बड़ी राहत, कलेक्टर ने जारी किए नए निर्देश
छिंदवाड़ा,। खरीफ फसल की बोनी और खेतों की बखरानी के महत्वपूर्ण समय में किसानों को बड़ी राहत मिली है। जिले में पेट्रोल पंपों से केन में डीजल देने पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ किसानों द्वारा किए गए विरोध और मांग के बाद प्रशासन ने फैसला वापस लेते हुए नियमों में शिथिलता प्रदान कर दी है। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए केन में 50 लीटर तक डीजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।
गौरतलब है कि पूर्व में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए केन में डीजल वितरण पर रोक लगा दी गई थी। इस निर्णय के बाद जिले के किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली थी। किसानों का कहना था कि अधिकांश खेत गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों को सीधे पेट्रोल पंप तक ले जाना संभव नहीं होता। ऐसे में केन में डीजल नहीं मिलने से बोनी और अन्य कृषि कार्य प्रभावित हो रहे थे।


किसानों के लगातार विरोध और मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने मामले पर पुनर्विचार किया। जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा द्वारा आदेश क्रमांक 673/खाद-2/2026 दिनांक 19 जून 2026 जारी करते हुए किसानों को कृषि कार्यों के लिए केन में 50 लीटर डीजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों ने प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि खरीफ सीजन के बीच यह फैसला किसानों के लिए राहत भरा साबित होगा। समय पर डीजल उपलब्ध होने से ट्रैक्टरों के माध्यम से बोनी, जुताई और बखरानी जैसे कार्य सुचारू रूप से किए जा सकेंगे।
किसानों का कहना है कि यह निर्णय उनकी एकजुटता और संघर्ष की जीत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में कृषि कार्यों से जुड़े नियम बनाते समय किसानों की व्यावहारिक समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।
मुख्य बिंदु:
केन में डीजल देने पर लगी रोक में मिली शिथिलता।
किसानों को अब 50 लीटर तक डीजल केन में मिलेगा।
खरीफ सीजन में कृषि कार्यों को मिलेगी गति।
किसानों के विरोध और मांग के बाद प्रशासन ने लिया निर्णय।
जिला कलेक्टर ने 19 जून 2026 को जारी किए निर्देश।
किसानों की मांग पर प्रशासन का बड़ा फैसला, खरीफ सीजन में डीजल संकट से मिली राहत