कृषि विभाग में अधिकारियों की कमी से बढ़ीं किसानों की मुश्किलें
खाद-बीज संकट के बीच किसानों की सुनवाई नहीं, मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
छिंदवाड़ा, । जिले में कृषि विभाग के प्रमुख पदों के रिक्त होने और अधिकारियों के लगातार स्थानांतरण से किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। जिले के किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसान खाद, बीज और कृषि संबंधी अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतें सुनने और समाधान करने के लिए विभाग में पर्याप्त अधिकारी उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग में पदस्थ उप संचालक कृषि का स्थानांतरण हो चुका है और वे पदमुक्त भी हो गए हैं। उनके स्थान पर नियुक्त अधिकारी ने अभी तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। वहीं जिला कार्यालय में पदस्थ अनुविभागीय कृषि अधिकारी, सहायक सचालक ने आत्मा परियोजना में परियोजना अधिकारी का दायित्व संभाल लिया है, जिससे यह पद भी रिक्त हो गया है।
किसान कांग्रेस का आरोप है कि हाल ही में जिले के कई वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारियों के भी स्थानांतरण हो गए हैं। इसके चलते कई विकासखंडों में कृषि विभाग के मैदानी स्तर पर अधिकारियों की कमी हो गई है। किसानों को योजनाओं की जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और समस्याओं के निराकरण के लिए भटकना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि छिंदवाड़ा कृषि प्रधान जिला है और वर्तमान में किसानों को खाद एवं बीज की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान परेशान हैं, वहीं बाजार में महंगे दामों पर बीज खरीदने को मजबूर हैं। खाद की कथित कालाबाजारी की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि जिला और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों की कमी के कारण किसान अपनी समस्याएं लेकर कृषि कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों ने मुख्यमंत्री से अपील किया है कि जिले में कृषि उपसंचालक , अनुविभागीय कृषि अधिकारी सहित रिक्त पदों पर तत्काल नियुक्ति करने, स्थानांतरित अधिकारियों के स्थान पर नई पदस्थापना सुनिश्चित करने तथा खाद-बीज की उपलब्धता और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है








