एक महिला निरीक्षक के भरोसे खनिज विभाग! क्या इसी वजह से बेलगाम हो रहा अवैध रेत कारोबार?
चौरई के रानीखेरी तक पहुंचा अवैध उत्खनन का मामला, विभागीय व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
छिंदवाड़ा(पंचायत दिशा समाचार) जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बार फिर खनिज विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में नजर आ रही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतों के बीच अब चौरई तहसील के रानीखेरी क्षेत्र में भी कथित अवैध रेत उत्खनन का मामला चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में बिना रोक-टोक रेत निकासी की जा रही है और जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई करता दिखाई नहीं दे रहा।
जानकारों के अनुसार इतने बड़े जिले में खनिज विभाग की जिम्मेदारी सीमित अधिकारियों और कर्मचारियों के भरोसे संचालित हो रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में जिले की मैदानी निगरानी का बड़ा भार एक महिला खनिज निरीक्षक पर होने की चर्चा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लंबे समय से अतिरिक्त खनिज अधिकारियों एवं निरीक्षकों की पदस्थापना क्यों नहीं की जा रही।
क्या अमले की कमी का फायदा उठा रहे रेत कारोबारी?
स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों का आरोप है कि जिले के कई नदी घाटों पर रात के समय मशीनों और भारी वाहनों के माध्यम से रेत उत्खनन एवं परिवहन की गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिलती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
रानीखेरी क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त निगरानी नहीं की गई तो नदी तंत्र और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। लोगों का यह भी आरोप है कि अवैध उत्खनन में लगे वाहन ग्रामीण मार्गों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
भोपाल स्तर पर भी उठ रहे सवाल
जिले में लंबे समय से अतिरिक्त अमले की मांग के बावजूद पर्याप्त अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने पर अब भोपाल स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिला विशाल भौगोलिक क्षेत्र में फैला हुआ है, तब केवल सीमित अमले के भरोसे पूरे जिले की निगरानी कैसे संभव है?
“कार्रवाई नहीं, केवल खानापूर्ति?”
क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि समय-समय पर कार्रवाई के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन अवैध उत्खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रहती हैं। ऐसे में विभागीय कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उच्च स्तरीय जांच और अतिरिक्त अमले की मांग
सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि—
रानीखेरी सहित संवेदनशील घाटों की संयुक्त जांच कराई जाए,
जिले में अतिरिक्त खनिज अधिकारी एवं निरीक्षकों की तत्काल पदस्थापना हो,
अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए,
तथा नदी घाटों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में जिले की नदियों, पर्यावरण और राजस्व व्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।








