15 अप्रैल से गेहूं उपार्जन शुरू: 84 केंद्र तैयार, कलेक्टर नारायण के सख्त निर्देश — किसानों को मिलेगी हर सुविधा
₹2625 प्रति क्विंटल पर होगी खरीदी, बारदाना से लेकर पेयजल तक व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)
जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं उपार्जन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कलेक्टर श्री नारायण ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 15 अप्रैल से शुरू होने वाले उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला स्तरीय उपार्जन समिति द्वारा जिले में 84 उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जाएगी।
समय और व्यवस्था तय
उपार्जन कार्य सोमवार से शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक संचालित होगा, जबकि तौल पर्ची शाम 6 बजे तक जारी की जाएगी। जिन किसानों की तौल सप्ताह के दौरान नहीं हो पाएगी, उनके लिए शनिवार को विशेष व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर के सख्त निर्देश
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्रों पर किसानों के लिए मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें, जिनमें शामिल हैं:
छायादार स्थान में बैठने की व्यवस्था
स्वच्छ पेयजल
पर्याप्त बारदाना
तौल कांटे और सिलाई मशीन
कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा
गुणवत्ता परीक्षण उपकरण
साफ-सफाई के लिए पंखा और छनना
साथ ही, हर केंद्र पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि एसडीएम और तहसीलदार को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य
इस वर्ष किसानों से गेहूं खरीदी ₹2585 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और ₹40 प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल ₹2625 प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।
करीब 30 हजार किसान पंजीकृत
जिले में इस बार 29,585 किसानों ने गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्लॉट बुकिंग के माध्यम से अपने नजदीकी केंद्र पर निर्धारित समय में अपनी उपज बेचें।
सख्त निगरानी और सत्यापन
प्रशासन ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को भी सख्त किया है:
तहसीलदार करेंगे फसल गिरदावरी और किसान सत्यापन
एसडीएम द्वारा 20% मामलों का सत्यापन
कलेक्टर स्वयं 5 किसानों का सत्यापन करेंगे
निष्कर्ष
प्रशासन का दावा है कि इस बार उपार्जन व्यवस्था पूरी तरह व्यवस्थित और किसान हितैषी होगी। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर ये तैयारियां कितनी सफल साबित होती हैं और किसानों को वास्तव में राहत मिल पाती है या नहीं।
(यह खबर उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और प्रशासनिक निर्देशों के आधार पर तैयार की गई है, जिससे इसकी तथ्यात्मक और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।)







