हरियागढ़ में भव्य बावड़ी उत्सव, तवा नदी उद्गम स्थल पर हुआ जल पूजन एवं श्रमदान
जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का किया आह्वान, ग्रामीणों ने लिया जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प
छिंदवाड़ा(पंचायत दिशा समाचार)। मध्यप्रदेश शासन के योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत विकासखंड जुन्नारदेव के ऐतिहासिक ग्राम हरियागढ़ में बावड़ी उत्सव के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 5 जून से 30 जून 2026 तक चल रहे इस उत्सव के दौरान जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) श्री मोहन नागर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ जीवनदायिनी तवा नदी के उद्गम स्थल पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं आरती के साथ हुआ। इसके बाद राजा जाटवा मंदिर परिसर और प्राचीन बावड़ी में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर बावड़ी, मंदिर परिसर तथा आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की और जल स्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने का संकल्प लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधारोपण भी किया गया।
ग्राम पंचायत हिरदागढ़ (हरियागढ़) में आयोजित जल संवाद कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर ने ग्रामीणों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और इसकी प्रत्येक बूंद का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल एवं पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा।
उन्होंने कहा कि पूर्वजों ने बावड़ियों, तालाबों और कुओं का निर्माण अपनी दूरदर्शिता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता के कारण किया था। आज आवश्यकता है कि इन ऐतिहासिक धरोहरों को पुनर्जीवित कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया जाए। प्राचीन बावड़ियां और जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं, जिनकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से जल संकट जैसी गंभीर समस्याओं का समाधान संभव है।
कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन, विकासखंड समन्वयक श्री संजय कुमार बामने, श्री आशीष ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने तथा क्षेत्र की प्राचीन बावड़ियों, कुओं और तालाबों के संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन श्री सरजू लाल विश्वकर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्री बुनेश राजबैठे द्वारा किया गया।
बावड़ी उत्सव के माध्यम से हरियागढ़ में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचा, जिससे ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को नया बल मिला।








