Home CITY NEWS जनता बूंद-बूंद पानी को त्रस्त और महापौर जंगल सफारी में मस्त:- आकाश

जनता बूंद-बूंद पानी को त्रस्त और महापौर जंगल सफारी में मस्त:- आकाश

जनता बूंद-बूंद पानी को त्रस्त और महापौर जंगल सफारी में मस्त:- आकाश

महापौर, फोटो खिंचवाने में है जमकर व्यस्त

जनता के टैक्स पर मौज उड़ा रहे नगर पालिक निगम के निष्क्रिय महापौर

छिन्दवाड़ा:- नगर पालिक निगम क्षेत्र के 48 वार्डों की जनता को आज भी नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। विगत तीन माह से जनता बूंद-बूंद पानी के लिए त्रस्त और महापौर जंगल सफारी में मस्त है। जनता से वसूला जा रहा अनाप शनाप टैक्स की राशि पर मौज उड़ाने वाले महापौर पूरी तरह से भाजपा सांसद की राह पर है। जनता की परेशानियों से दूर-दूर तक कोई सरोकार नहीं रखने वाले शासन की राशि का जमकर दुरुपयोग कर रहे। सीएम और मंत्रियों के साथ फोटो खिंचवाने के सिवाए अपने कार्यकाल में इन्होंने कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया। काम के नाम पर इन्होंने जनता पर बढ़े हुए टैक्स का बोझ, निगम में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। उक्त उदगार कांग्रेस पार्षद श्री आकाश मोखलगाय ने पानी की किल्लत और महापौर के शैर सपाटे पर व्यक्त किए।

जारी बयान में आकाश मोखलगाय ने आगे कहा कि स्वयं की गलतियों के लिए कांग्रेस को दोष देने वाले महापौर विक्रम आहके कुछ दिन पूर्व भोपाल में थे और छिन्दवाड़ा निगम क्षेत्र की जनता पूरी तरह से पानी के लिए तरस रही थी। कभी पाइप लाइन फूटने का रोना तो कभी मोटर खराब होने की समस्या जैसे घिसे-पिटे जवाब देकर जनता को गुमराह करने वाले महापौर जंगल सफारी का आनंद ले रहे। जनता ने उन्हें कांग्रेस के कार्यों और रीति नीति से प्रभावित होकर चुना था, लेकिन अपने आर्थिक हितों को साधने और भ्रष्टाचार की राशि पर मौज उड़ाने के लिए भाजपा मैं चली गई ।और वहां पहुंचते ही उन पर भ्रष्टाचार और मौज-मस्ती को जो रंग चढ़ा है वह उतरने का नाम नहीं ले रहा। जनता देख रही कि यह वही व्यक्ति है जिसने अपने स्थिति और परिस्थितियों का बार-बार उल्लेख किया और उस पर नागरिकों ने भरोसा भी किया, लेकिन इन्होंने रंग बदलने में गिरगिट को भी पीछे छोड़ दिया। “संगत गुण खोड़ी” ज्यादा नहीं तो क्या थोड़ी-थोड़ी ही सही। महापौर अब पूरी तरह से व्यक्तिगत सुख सम्पन्नता की ओर बढ़ चुके हैं, जनता के बीच उनका कोई योगदान नहीं रहा।

नोट: यह खबर संबंधित नेता द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।)