मोहखेड़ के पालाखेड़ में आबकारी की दबिश… लेकिन गांव-गांव कैसे पहुंच रही शराब?
ढाबे और घर से देशी-विदेशी शराब बरामद, नाबालिगों तक पहुंच रहा नशा…
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल…?
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)।
छिंदवाड़ा जिले में इन दिनों शराब माफिया का जाल शहर से लेकर गांव तक फैलता नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि कई गांवों में खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है और नाबालिग युवक भी नशे की गिरफ्त में आते दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच मोहखेड़ क्षेत्र के ग्राम पालाखेड़ में आबकारी विभाग ने दबिश देकर अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन इस कार्रवाई ने विभाग की कार्यप्रणाली पर ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ढाबे और मकान से मिली शराब
आबकारी टीम ने कैलाश घाघरे नामक व्यक्ति के ढाबे और रिहायशी मकान में तलाशी ली। तलाशी के दौरान टीम को
7.56 बल्क लीटर विदेशी शराब
6 बल्क लीटर बीयर कैन
3.06 बल्क लीटर देशी प्लेन शराब
13 लीटर कच्ची महुआ हाथभट्टी शराब
बरामद हुई। मौके पर मौजूद शुभम घाघरे के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 और 36 के तहत मामला दर्ज किया गया।
कार्रवाई से ज्यादा सवाल
हालांकि इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यह शराब गांव तक पहुंच कैसे रही है?
क्या यह शराब किसी ठेकेदार के जरिए सप्लाई हो रही है या फिर अवैध नेटवर्क के जरिए गांव-गांव पहुंचाई जा रही है?
गांवों में बढ़ता शराब का जाल
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार शराब की उपलब्धता से सामाजिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई गांवों में शाम होते ही शराब की बिक्री खुलेआम होने लगती है और नाबालिग लड़के भी नशे की लत में पड़ते जा रहे हैं।
आबकारी विभाग पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग कभी-कभार छोटी-मोटी कार्रवाई कर अपनी टारगेट पूर्ति दिखा देता है, लेकिन असली नेटवर्क तक कार्रवाई नहीं पहुंच पाती।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विभाग शराब माफियाओं के बड़े नेटवर्क तक पहुंचेगा या सिर्फ छोटे मामलों में ही कार्रवाई होती रहेगी?
जांच की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि
गांवों में अवैध शराब सप्लाई करने वाले ठेकेदारों और नेटवर्क की जांच हो
शराब कहां से आई और किसके जरिए पहुंचाई गई इसकी पूरी पड़ताल हो
क्योंकि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो छिंदवाड़ा के गांवों में शराब माफिया का जाल और मजबूत हो सकता है।







