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पुरानी योजनाओं को नई सौगात बताकर श्रेय लेने में जुटी भाजपा सरकार: अमित सक्सेना

पुरानी योजनाओं को नई सौगात बताकर श्रेय लेने में जुटी भाजपा सरकार: अमित सक्सेना

कन्हान परियोजना और माचागोरा बांध को लेकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने उठाए सवाल, छिंदवाड़ा-पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग

छिंदवाड़ा। जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने भाजपा सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल में स्वीकृत सिंचाई परियोजनाओं का श्रेय लेने और उन्हें नई सौगात के रूप में पेश कर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कन्हान सिंचाई कॉम्प्लेक्स, माचागोरा बांध और माइक्रो इरिगेशन योजनाओं की प्रगति पर सवाल उठाते हुए सरकार से परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।

अमित सक्सेना ने कहा कि वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने 5,471 करोड़ रुपये की लागत से कन्हान परियोजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना को सात वर्षों में पूरा किया जाना था, लेकिन उनके दावे के अनुसार अब तक केवल 25 से 30 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है। उन्होंने कहा कि परियोजना की समय-सीमा बढ़ाना कोई नई उपलब्धि नहीं, बल्कि कार्य में हुई देरी का मामला है। सरकार को जनता के सामने परियोजना की वास्तविक प्रगति और देरी के कारण स्पष्ट करने चाहिए।

उन्होंने माचागोरा बांध के लिए जारी 197 करोड़ रुपये की राशि को भी शेष कार्यों की पुनरीक्षित स्वीकृति बताते हुए कहा कि इसे नई सौगात के रूप में प्रचारित करना उचित नहीं है। सक्सेना ने माइक्रो-1 और माइक्रो-2 सहित अन्य माइक्रो इरिगेशन योजनाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने भाजपा नेताओं को सिंचाई परियोजनाओं के बजट, निर्माण कार्यों और वर्तमान प्रगति पर खुली बहस की चुनौती दी।

किसानों को राहत देने की मांग

जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग करते हुए कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बैंक ऋणों की वसूली रोकी जाए और दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू करने तथा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

पेंच परियोजना के डूब प्रभावित किसानों के मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए सक्सेना ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित चार गुना मुआवजा किसानों को आखिर कब तक मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों के अनुरूप राहत मिलनी चाहिए।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो गांव-गांव आंदोलन

अमित सक्सेना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया और राहत संबंधी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो कांग्रेस गांव-गांव आंदोलन करेगी। उन्होंने पूर्व सांसद नकुलनाथ के नेतृत्व में व्यापक किसान आंदोलन शुरू करने की बात भी कही।

नोट: सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति, स्वीकृत राशि और मुआवजे से संबंधित आंकड़े जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना के बयानों पर आधारित हैं। इन तथ्यों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि तथा संबंधित विभाग का पक्ष समाचार प्रकाशित करने से पहले प्राप्त किया जाना उचित होगा।