Home CITY NEWS अनएक्सप्लोरड इंडिया में शामिल हुए पर्यटन ग्राम सावरवानी और चिमटीपुर

अनएक्सप्लोरड इंडिया में शामिल हुए पर्यटन ग्राम सावरवानी और चिमटीपुर



अनएक्सप्लोरड इंडिया में शामिल हुए पर्यटन ग्राम सावरवानी और चिमटीपुर
देश के 10 बड़े शहरों से पहुंचे पर्यटक, जनवरी तक रहेगी पर्यटकों की बहार

छिन्दवाड़ा/28 अक्टूबर 2026/
जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई पहचान मिली है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड और इंडिया हाइक्स द्वारा मध्यप्रदेश के पर्यटन ग्रामों को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए शुरू किए गए ‘अनएक्सप्लोरड इंडिया’ पैकेज में छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम सावरवानी और चिमटीपुर को शामिल किया गया है। इस पहल के पहले संस्करण को अच्छी सफलता मिली है और देश के 10 बड़े शहरों से पर्यटक इन गांवों में पहुंच रहे हैं।


       मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और दिल्ली सहित अन्य महानगरों से आए पर्यटक यहां भीड़-भाड़ और शोर-शराबे से दूर ग्रामीण जीवन, आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक भोजन और सतपुड़ा की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं। अक्टूबर माह से शुरू हुआ यह पर्यटन पैकेज जनवरी तक चलेगा। इससे दोनों पर्यटन ग्रामों में पर्यटकों की आवाजाही बनी रहने की उम्मीद है। साथ ही, स्थानीय होम स्टे को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
       पर्यटन ग्रामों में पहुंचने पर पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित होम स्टे में ठहरकर पर्यटक ग्रामीण परिवेश और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव ले रहे हैं। यहां उन्हें प्रकृति के करीब समय बिताने के साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जानने का अवसर मिल रहा है।

सतपुड़ा की सुंदरता ने पर्यटकों को किया आकर्षित – ‘अनएक्सप्लोरड इंडिया’ पैकेज के तहत सतपुड़ा की पहाड़ियां, घने जंगल, नदियां और क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। पर्यटक सप्तधारा, राजाखोह ट्रेकिंग और अनहोनी मंदिर सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। इसके साथ ही लोक संगीत, लोक नृत्य, सूर्योदय और सूर्यास्त के मनोरम दृश्यों तथा बैलगाड़ी की सवारी का आनंद भी ले रहे हैं।
      सतपुड़ा के जंगलों में वन्यजीवों और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को देखकर पर्यटक खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। ग्रामीण परिवेश में पारंपरिक खान-पान और स्थानीय संस्कृति से रूबरू होने का अनुभव इस यात्रा को उनके लिए यादगार बना रहा है।
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