कांग्रेस ने निकाली किसान रैली, छिंदवाड़ा को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम सौंपा दस सूत्रीय ज्ञापन, मक्का खरीदी, बिजली बिल माफी और फसल मुआवजे की मांग उठाई
छिंदवाड़ा। जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर कांग्रेस ने किसान रैली निकालकर प्रदर्शन किया। राजीव भवन स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कांग्रेस नेताओं और किसानों ने राज्यपाल के नाम दस सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं पूर्व सांसद नकुलनाथ के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी तथा ग्रामीण कांग्रेस कमेटी छिंदवाड़ा भाग-1 और भाग-2 के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
अल्पवर्षा से खरीफ फसलें प्रभावित, रबी की सिंचाई पर संकट
कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि छिंदवाड़ा कृषि प्रधान जिला है और यहां की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। अल्पवर्षा के कारण खरीफ फसलों पर असर पड़ा है, वहीं रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने की चिंता भी बनी हुई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की बात कही गई। कांग्रेस ने मांग की कि जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता सहित राहत उपलब्ध कराई जाए।
समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी और कानून बनाने की मांग
ज्ञापन में फसलों की खरीदी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने की मांग उठाई गई। साथ ही जिले की सभी सहकारी समितियों के माध्यम से मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी कराने तथा खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त बारदाने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो और उन्हें उचित दाम मिल सके।
जमीन का मुआवजा, ऋण वसूली में राहत की मांग
कांग्रेस ने डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों की जमीन का चार गुना मुआवजा ब्याज सहित देने तथा जमीन संबंधी मामलों में किसानों को राहत पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन में सेवा सहकारी समितियों से लिए गए कृषि ऋण की अदायगी की समय-सीमा बढ़ाने और किसानों पर समय से पहले वसूली का दबाव नहीं बनाने की मांग भी शामिल रही। कांग्रेस ने शासन से बैंकों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली बिल माफ करने की मांग
किसानों के कृषि पंपों पर लगाए गए स्मार्ट मीटर हटाने, नए स्मार्ट मीटर नहीं लगाने और बिजली बिल माफ करने की मांग की गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण एवं आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों को परेशानी हो रही है। ज्ञापन में बिजली आपूर्ति में सुधार कर अनियमित कटौती बंद कराने की मांग की गई।
माचागोरा जलाशय से नियमित सिंचाई का पानी मिले
कांग्रेस ने माचागोरा जलाशय से किसानों को फसलों की जरूरत के अनुसार नियमित अंतराल पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की। इसके लिए किसानों से चर्चा कर सिंचाई का कार्यक्रम तय करने पर जोर दिया गया। साथ ही जिले के उन क्षेत्रों में वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था विकसित करने की मांग की गई, जहां बांध, तालाब और स्टॉप डैम जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कांग्रेस ने भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए जल संरक्षण और सिंचाई के स्थायी इंतजाम करने की आवश्यकता भी जताई।
कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सूखा राहत, फसल खरीदी, मुआवजा, बिजली और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।








