पेयजल संकट पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट में धरना, आधे घंटे बाद ज्ञापन लेने पहुंचे निगम कमिश्नर
70 पुराने ट्यूबवेल में 10 दिन के भीतर मोटर पंप लगाने का आश्वासन, हर ट्यूबवेल खनन की जानकारी कांग्रेस पार्षद दल को देने की मांग
छिंदवाड़ा। नगर निगम क्षेत्र के 48 वार्डों में पेयजल संकट को लेकर बुधवार को शहर कांग्रेस और कांग्रेस पार्षद दल ने कलेक्ट्रेट में रैली निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और वार्डवासियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति की मांग उठाई। करीब आधे घंटे तक धरना जारी रहने के बाद नगर निगम कमिश्नर ज्ञापन लेने कलेक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने उनसे पेयजल व्यवस्था को लेकर सीधे सवाल किए और समस्याओं के निराकरण की समय-सीमा तय करने की मांग रखी।
कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन से निकली रैली में विभिन्न वार्डों के नागरिक और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में पानी की नियमित आपूर्ति और जलकर से संबंधित तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारी जिला अस्पताल, कोतवाली थाना, अनगढ़ हनुमान मंदिर, महात्मा गांधी चौक और एक्सीलेंस स्कूल के रास्ते कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां भाजपा सरकार, नगर निगम, महापौर और सांसद के खिलाफ नारेबाजी की गई।
प्रारंभ में प्रशासनिक अधिकारी ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने निगम से जुड़ी समस्याओं का हवाला देते हुए निगम कमिश्नर को ही ज्ञापन सौंपने की बात कही। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम की है तो जवाब भी निगम प्रशासन को देना चाहिए।
70 ट्यूबवेल में मोटर पंप लगाने पर 10 दिन की मोहलत
धरना स्थल पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे ने कहा कि पेयजल संकट को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान सामने नहीं आया। जनता को आश्वासन नहीं, बल्कि नियमित पानी मिलने की निश्चित समय-सीमा चाहिए।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनू मागो ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ के कार्यकाल में शहर में 70 ट्यूबवेल खनन कराए गए थे, लेकिन उनमें मोटर पंप नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि नए बोर कराने से पहले पुराने ट्यूबवेल को चालू किया जाए।
कांग्रेस नेताओं द्वारा कमिश्नर से पूछे जाने पर उन्होंने 70 ट्यूबवेल में 10 दिन के भीतर मोटर पंप लगाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा वार्डों के पुराने कुओं की सफाई और खापाभाट में निजी उपयोग के लिए दिए गए ट्यूबवेल को लेकर भी सवाल उठाए गए। कमिश्नर ने बताया कि संबंधित ट्यूबवेल वापस ले लिया गया है।
हर ट्यूबवेल खनन की जानकारी देने की मांग
कांग्रेस पार्षद दल ने मांग की कि शहर में भविष्य में जहां भी ट्यूबवेल खनन कराया जाए, उसकी पूरी जानकारी कांग्रेस पार्षद दल को भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बनी रहे। नेता प्रतिपक्ष हंसा अंबर दाढ़े ने पेयजल संकट के लिए नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते जलस्रोतों की देखरेख और वैकल्पिक इंतजाम किए जाते तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरला सिसोदिया श्रीवास्तव ने भी पेयजल समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
जलकर में राहत सहित पांच प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम निगम कमिश्नर को सौंपे ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सभी 48 वार्डों में नियमित एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना, जितना पानी मिले उतना ही जलकर लेने की व्यवस्था करना, पुराने 70 ट्यूबवेल की सफाई कराकर मोटर पंप लगाना, वार्डों के पुराने कुओं की सफाई एवं हैंडपंप स्थापित करना तथा पर्याप्त टैंकर और डीजल की व्यवस्था करना शामिल है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कई वार्डों में 10 से 15 दिनों के अंतराल में पानी मिल रहा है, जबकि उपभोक्ताओं से पूरे महीने का जलकर वसूला जा रहा है। दूषित और मटमैले पानी की आपूर्ति से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात ज्ञापन में उठाई गई।
धरना-प्रदर्शन में परासिया विधानसभा प्रभारी गंगाप्रसाद तिवारी सहित पार्षद टिंकू राय, मंजू बैस, शोभी कुरैशी, बबला पटेल, चिंटू काले, आकाश मोखलगाय, राहुल मालवी, नदीम अहमद, अनुराग सराठी, संगीता मुन्ना पवार सहित जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
अब निगाहें निगम प्रशासन के आश्वासन पर: 70 ट्यूबवेल में 10 दिन के भीतर मोटर पंप लगाने का आश्वासन दिया गया है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि तय समय-सीमा में कितने ट्यूबवेल चालू होते हैं और शहर के 48 वार्डों में नियमित पेयजल आपूर्ति कब तक बहाल हो पाती है।








