बैठक से नदारद अधीक्षक पर गिरी गाज, जनजातीय विभाग ने किया निलंबित
छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग ने छात्रावास अधीक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक से बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। आदिवासी बालक आश्रम परतापुर, विकासखंड हर्रई के अधीक्षक मतमानशाह मर्सकोले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कार्यालय कलेक्टर (जनजातीय कार्य विभाग) छिंदवाड़ा द्वारा 8 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, 7 अक्टूबर को माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर, छिंदवाड़ा में छात्रावास अधीक्षकों की अति महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक की पूर्व सूचना दिए जाने के बावजूद मतमानशाह मर्सकोले बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए।

कर्तव्य के प्रति लापरवाही का मामला
आदेश में कहा गया है कि बैठक में अनुपस्थित रहना कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता तथा स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है। विभाग ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की है।
इसके आधार पर मतमानशाह मर्सकोले, जो मूल पद से प्राथमिक शिक्षक हैं और आदिवासी बालक आश्रम परतापुर में अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे, को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (2) के तहत निलंबित किया गया है।
जुन्नारदेव मुख्यालय निर्धारित
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जुन्नारदेव कार्यालय निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान वे नियमानुसार निलंबन भत्ते की पात्रता रखेंगे।
विभाग ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया है।
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि छात्रावास एवं आश्रम शालाओं की व्यवस्थाओं को लेकर विभाग द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण बैठकों में अधिकारियों के निर्देशों को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है और क्या ऐसी अनुपस्थिति के मामलों में आगे भी इसी तरह सख्ती जारी रहेगी।








