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छिंदवाड़ा में 10-15 साल से जमे छात्रावास अधीक्षकों पर गिरेगी तबादले की गाज..

छिंदवाड़ा में 10-15 साल से जमे छात्रावास अधीक्षकों पर गिरेगी तबादले की गाज
आयुक्त के आदेश के बाद विभाग में हलचल, 7 साल से अधिक समय से पदस्थ अधीक्षकों को हटाना अनिवार्य

e-HRMS पोर्टल से होगी प्रक्रिया, 5 से 7 अक्टूबर तक 15 विकल्प देना होगा; दोबारा अधीक्षक का प्रभार नहीं मिलेगा

रिपोर्ट/रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग के छात्रावासों, आश्रम शालाओं और आवासीय विद्यालयों में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधीक्षकों को लेकर अब बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। आयुक्त जनजातीय कार्य, भोपाल द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश के बाद प्रदेशभर में 7 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ छात्रावास अधीक्षकों को परिवर्तित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आदेश का असर छिंदवाड़ा जिले पर भी पड़ना तय माना जा रहा है, जहां कई अधीक्षकों के लंबे समय से एक ही संस्था में पदस्थ रहने की बात सामने आती रही है।


10-15 साल से जमे अधीक्षकों पर अब नजर
विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिन अधीक्षकों की पदस्थापना को 7 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, उन्हें स्थानांतरित किया जाएगा। ऐसे में छिंदवाड़ा जिले में यदि किसी अधीक्षक की पदस्थापना 10 से 15 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही छात्रावास अथवा संस्था में है, तो उन्हें भी इस प्रक्रिया के दायरे में आना होगा। हालांकि जिले में कितने अधीक्षक इस अवधि से अधिक समय से पदस्थ हैं, इसकी वास्तविक संख्या विभागीय रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
एक छात्रावास-एक अधीक्षक की व्यवस्था
आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि 7 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके अधीक्षक को दोबारा किसी अन्य छात्रावास, आश्रम शाला या आवासीय विद्यालय का अधीक्षक प्रभार नहीं दिया जाएगा। विभाग को एक छात्रावास में एक ही अधीक्षक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
5 से 7 अक्टूबर तक e-HRMS पर आवेदन
7 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधीक्षकों को 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक e-HRMS पोर्टल पर अनिवार्य रूप से आवेदन करना होगा। उन्हें अधिकतम 15 पदस्थापना विकल्प देने होंगे। निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं करने की स्थिति में विभाग अपने स्तर से स्थानांतरण की कार्रवाई कर सकेगा।
प्रभार पर बैठे शिक्षकों को मूल संस्था में भेजने के निर्देश
आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन शिक्षकों के पास अधीक्षक पद का केवल प्रभार है, जबकि उनका वेतन किसी अन्य संस्था से आहरित हो रहा है, उन्हें तत्काल उनकी मूल संस्था में भेजा जाए। अधीक्षक का प्रभार कलेक्टर की अनुमति से मुख्यालय की शाला के अन्य शिक्षक को दिया जा सकेगा।
कन्या छात्रावासों में महिला अधीक्षक जरूरी
विभाग ने कन्या छात्रावासों और आश्रमों के लिए महिला अधीक्षक की पदस्थापना पर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ऐसे संस्थानों में केवल महिला शिक्षक का आवेदन मान्य होगा। अधीक्षक का छात्रावास परिसर में निवास भी अनिवार्य बताया गया है।
12 से 14 अक्टूबर तक दूसरा चरण
रिक्त होने वाले अधीक्षक पदों के लिए 12 से 14 अक्टूबर 2026 तक दूसरे चरण की प्रक्रिया चलेगी। इसमें विभागीय शिक्षण संस्थाओं में पदस्थ पात्र शिक्षक e-HRMS पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। जूनियर छात्रावास के लिए प्राथमिक शिक्षक, आश्रम एवं सीनियर छात्रावास के लिए माध्यमिक शिक्षक तथा महाविद्यालयीन छात्रावास के लिए उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्र होंगे।
अब छिंदवाड़ा के रिकॉर्ड पर टिकी नजर
आयुक्त के इस आदेश के बाद अब छिंदवाड़ा में लंबे समय से एक ही छात्रावास या संस्था में पदस्थ अधीक्षकों के रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। क्या जिले में 7 वर्ष से अधिक, विशेषकर 10 से 15 वर्ष से पदस्थ अधीक्षकों को वास्तव में स्थानांतरित किया जाएगा? यह आने वाले दिनों में विभागीय कार्रवाई से स्पष्ट होगा। जिला स्तर पर पदस्थापना की अवधि और पात्रता का सत्यापन होने के बाद तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
विशेष: गलत जानकारी देने वाले आवेदक अथवा गलत जानकारी का सत्यापन करने वाले अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी आदेश में दी गई है।