भाजपा जिला उपाध्यक्ष पर महिला को धमकाने का आरोप
FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर युवती ने रातभर थाने के बाहर दिया धरना, पुलिस ने दर्ज किया मामला; दूसरे पक्ष ने भी लगाए आरोप
छिंदवाड़ा। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में भाजपा से जुड़े दो पक्षों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। युवती दीपिका मिलामपुरे ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा सहित अन्य लोगों पर घर पहुंचकर अभद्रता करने और फोन पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत पर तत्काल FIR दर्ज नहीं होने से नाराज युवती ने रातभर कोतवाली थाने के बाहर धरना दिया। इसके बाद पुलिस ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा एवं दो अन्य लोगों के खिलाफ के प्रकरण दर्ज किया है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद
बताया गया है कि विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर कथित रूप से गलत जानकारी प्रसारित किए जाने को लेकर हुई। दीपिका मिलामपुरे का आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी का विरोध किया, जिसके बाद उसे फोन पर धमकियां मिलने लगीं।
पीड़िता के मुताबिक, इसके बाद भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा, दुर्गा वाहिनी की अध्यक्ष श्रद्धा पटेल सहित कुछ अन्य लोग उसके घर पहुंचे। यहां दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। दीपिका ने योगेंद्र राणा पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धमकी देने का आरोप लगाया है।
FIR के लिए रातभर थाने के बाहर बैठी रही युवती
घटना के बाद दीपिका ने कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। उसका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई। इससे नाराज होकर वह थाने के बाहर धरने पर बैठ गई और रातभर वहीं रही।
इसके बाद पुलिस ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरे पक्ष ने भी दिया शिकायत आवेदन
मामले में विवाद ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब दूसरे पक्ष की युवती ने भी कोतवाली थाने पहुंचकर दीपिका मिलामपुरे के खिलाफ शिकायत आवेदन दिया। दूसरे पक्ष ने दीपिका पर फोन पर गाली-गलौज करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
दोनों पक्षों के आरोपों की जांच
पुलिस के अनुसार, मामले में दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस द्वारा घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नोट: खबर में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित दूसरे पक्ष का विस्तृत पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








