एक शिक्षक, दो जगह का प्रभार! जनजातीय कार्य विभाग के आदेश पर उठे सवाल
जैतपुर में पदस्थ शिक्षक को परतापुर हाईस्कूल का प्रभारी प्राचार्य और संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारी भी
विभागीय व्यवस्था पर सवाल—क्या एक ही शिक्षक एक साथ दो संस्थानों की जिम्मेदारी संभाल पाएगा?
छिंदवाड़ा/हरई। जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा के एक आदेश ने विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जैतपुर, विकासखंड तामिया में पदस्थ उच्चतर माध्यमिक शिक्षक राजाराम प्रधान को आगामी आदेश तक हाईस्कूल परतापुर, विकासखंड हरई में प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है।
मामला यहीं खत्म नहीं होता। आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि राजाराम प्रधान प्रभारी प्राचार्य के साथ-साथ संकुल प्राचार्य के दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे। यानी जैतपुर में पदस्थ शिक्षक को हरई क्षेत्र के परतापुर विद्यालय की जिम्मेदारी के साथ संकुल स्तर की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई।

विभाग से बड़ा सवाल—एक शिक्षक, कितनी जिम्मेदारियां?
विभाग के इस आदेश को लेकर सवाल उठ रहा है कि जब शिक्षक की मूल पदस्थापना जैतपुर में है, तो उन्हें परतापुर हाईस्कूल का प्रभारी प्राचार्य बनाने के साथ-साथ संकुल प्राचार्य की जिम्मेदारी भी क्यों दी गई? क्या विभाग के पास प्राचार्य अथवा अन्य पात्र अधिकारियों की कमी है, अथवा एक ही शिक्षक से कई पदों का काम चलाया जा रहा है?
शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ेगा असर?
एक ओर शिक्षक की मूल पदस्थापना वाले विद्यालय में उनकी जिम्मेदारियां हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें दूसरे विकासखंड के विद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। ऐसे में सवाल यह भी है कि जैतपुर और परतापुर दोनों स्थानों की जिम्मेदारियों का नियमित निर्वहन किस प्रकार होगा? विभाग को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित शिक्षक की मूल पदस्थापना के संबंध में क्या व्यवस्था की गई है।
आदेश सामने आने के बाद उठ रहे सवाल
विभागीय आदेश में “आगामी आदेश तक” प्रभारी प्राचार्य बनाए जाने का उल्लेख है। ऐसे में अब विभाग से यह जानकारी अपेक्षित है कि यह व्यवस्था कितने समय के लिए है और दोनों स्थानों की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक जिम्मेदारियों के निर्वहन की निगरानी कौन करेगा।
सवाल यह नहीं कि जिम्मेदारी किसे दी गई, सवाल यह है कि एक ही शिक्षक को अलग-अलग स्तर की इतनी जिम्मेदारियां सौंपने के पीछे विभाग की क्या प्रशासनिक व्यवस्था है?
नोट: खबर उपलब्ध विभागीय आदेश के आधार पर है। विभाग/संबंधित अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।








