चार श्रम संहिताओं के अंतिम नियमों पर FMRAI की आपत्ति
चार श्रम संहिताओं के अंतिम नियमों पर FMRAI की आपत्ति
सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के अधिकारों, वेतन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों में बदलाव की
छिंदवाड़ा/ फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशंस ऑफ इंडिया (FMRAI) की 12-13 जून 2026 को कोलकाता में आयोजित कार्यसमिति बैठक में चार श्रम संहिताओं के तहत जारी अंतिम नियमों को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। संगठन ने दावा किया कि उसके द्वारा श्रम एवं रोजगार मंत्रालय को पहले भेजे गए सुझावों और संशोधन प्रस्तावों को अंतिम नियमों में अपेक्षित रूप से शामिल नहीं किया गया है।
बैठक में सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के हड़ताल एवं सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार, वैधानिक सेवा नियम बनाने, स्थायी प्रकृति के कार्यों में फिक्स्ड टर्म रोजगार के प्रावधान को हटाने तथा अलग स्टैंडिंग ऑर्डर और उचित वेतनमान निर्धारित करने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
FMRAI ने न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम और महंगाई भत्ते के उचित निर्धारण की मांग करते हुए वेतन से मनमानी कटौती पर रोक लगाने की बात कही। संगठन ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में नियोक्ता के 12 प्रतिशत योगदान की बहाली तथा सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी रखी।
मंत्रालय के समक्ष फिर रखे जाएंगे मुद्दे
कार्यसमिति के अनुसार, संगठन ने श्रम संहिताओं से संबंधित अपने सुझाव पहले भी मंत्रालय के समक्ष रखे थे, लेकिन अंतिम नियमों में उन्हें शामिल नहीं किए जाने पर संगठन ने असंतोष जताया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि कर्मचारियों से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं और संशोधन प्रस्तावों को एक बार फिर श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा।
FMRAI का कहना है कि सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों के रोजगार, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सामूहिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट एवं प्रभावी प्रावधान जरूरी हैं।








