Home AGRICULTURE गोपालपुर समिति में डीएपी का टोटा, ई-टोकन भी बेअसर..!

गोपालपुर समिति में डीएपी का टोटा, ई-टोकन भी बेअसर..!

गोपालपुर समिति में डीएपी का टोटा, ई-टोकन भी बेअसर

स्टॉक नहीं दिखा रहा सिस्टम, खाद के लिए किसानों को एमपी ऑनलाइन से कृषि विभाग तक लगाने पड़ रहे चक्कर..?

रिपोर्ट/रामकुमार राजपूत

चौरई। रबी सीजन की तैयारियों के बीच चौरई विकासखंड के गोपालपुर सेवा सहकारी समिति क्षेत्र के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों को डीएपी खाद के लिए समिति में स्टॉक उपलब्ध नहीं हो रहा है, वहीं ई-टोकन व्यवस्था भी फिलहाल उनके लिए राहत नहीं बन पा रही है। ई-टोकन पर गोपालपुर समिति का विकल्प चुनने पर डीएपी का स्टॉक प्रदर्शित नहीं होने से किसान खाद की बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं।

किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद के लिए उन्हें बार-बार एमपी ऑनलाइन की दुकानों और कृषि विभाग के कार्यालय की जानकारी लेने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दूसरी ओर निजी दुकानों पर भी ई-टोकन के माध्यम से डीएपी की बुकिंग में स्टॉक उपलब्ध नहीं दिखने की समस्या सामने आ रही है।

खाद आती है और एक ही दिन में बुकिंग!

इस संबंध में गोपालपुर सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक विजय शर्मा से चर्चा की गई। उनका कहना है कि समिति में डीएपी खाद आई थी, लेकिन किसानों ने तत्काल बुकिंग कर ली, जिसके कारण अब स्टॉक दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने किसानों से करीब एक सप्ताह इंतजार करने तथा एमपी ऑनलाइन या कृषि विभाग से खाद की उपलब्धता की जानकारी लेते रहने की बात कही।

किसानों के सामने सवाल—खाद कब मिलेगी?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब खाद की मांग पहले से स्पष्ट है तो किसानों को स्टॉक उपलब्ध होने की जानकारी समय पर क्यों नहीं मिल पा रही? ई-टोकन व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि पोर्टल पर ही स्टॉक नजर नहीं आए तो किसान आखिर बुकिंग कैसे कराएं?

चौरई क्षेत्र में डीएपी की उपलब्धता और ई-टोकन से जुड़ी समस्या को लेकर किसानों में चिंता है। किसानों की मांग है कि कृषि विभाग और संबंधित सहकारी संस्थाएं क्षेत्रवार डीएपी की उपलब्धता की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करें, ताकि उन्हें खाद के लिए अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।

एक सप्ताह इंतजार या फिर चक्कर ही चक्कर?

गोपालपुर क्षेत्र के किसानों के सामने फिलहाल स्थिति यह बन गई है कि डीएपी चाहिए तो पहले स्टॉक का इंतजार करें, फिर ई-टोकन पर उपलब्धता देखें और उसके बाद खाद मिलने की उम्मीद लगाएं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब किसान की फसल का समय इंतजार नहीं करता, तो खाद की व्यवस्था एक सप्ताह के इंतजार पर क्यों टिकी है?

किसानों की मांग: कृषि विभाग पूरे चौरई विकासखंड में डीएपी के उपलब्ध स्टॉक, समितिवार आवंटन और ई-टोकन बुकिंग की स्थिति स्पष्ट करे तथा पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करे।