कूनो में नामीबियाई चीता गौरव की मौत, प्रोजेक्ट चीता को झटका
10 साल से अधिक उम्र के गौरव ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, अब कूनो में 51 चीते
श्योपुर। मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता पुनर्वास परियोजना को लेकर दुखद खबर सामने आई है। नामीबिया से भारत लाए गए शुरुआती आठ चीतों में शामिल गौरव की सोमवार शाम उपचार के दौरान मौत हो गई। करीब 10 वर्ष से अधिक उम्र के गौरव को 12 सितंबर को जंगल में कमजोर और सुस्त अवस्था में पाए जाने के बाद रेस्क्यू किया गया था।
वन विभाग के अनुसार निगरानी टीम ने गौरव की हालत असामान्य पाए जाने पर उसे रेस्क्यू कर पालपुर लाया था। चिकित्सकीय जांच में उसके शरीर में मांसपेशियों की कमजोरी और गंभीर डिहाइड्रेशन के लक्षण मिले। इसके बाद उसे क्वारंटीन बोमा में रखकर लगातार उपचार और निगरानी की गई।

इलाज के बावजूद बिगड़ती गई हालत
प्रारंभिक जांच में किसी पुरानी बीमारी की आशंका भी जताई गई थी। चिकित्सकों की टीम ने उपचार के साथ सपोर्टिव केयर दी, लेकिन गौरव की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। सोमवार शाम करीब चार बजे उसने दम तोड़ दिया।
वन विभाग का कहना है कि गौरव की मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम तथा लिए गए सैंपलों की जांच के बाद ही मौत के अंतिम कारण की पुष्टि हो सकेगी।

भारत आने से पहले था ‘एल्टन’
गौरव को भारत लाए जाने से पहले नामीबिया में एल्टन के नाम से जाना जाता था। सितंबर 2022 में भारत लाए गए शुरुआती आठ चीतों में वह शामिल था। उसका भाई शौर्य, जिसे नामीबिया में फ्रेडी के नाम से जाना जाता था, भी उसके साथ कूनो लाया गया था। शुरुआती दौर में दोनों की जोड़ी को ‘रॉकस्टार’ के रूप में भी जाना गया।
गौरव कूनो में चीता पुनर्वास और प्रजनन कार्यक्रम का हिस्सा रहा। उसकी मौत के बाद अब वन विभाग की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर नजर बनी हुई है।
कूनो में अब 51 चीते
गौरव की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 51 रह गई है। इनमें 36 भारत में जन्मे चीते बताए गए हैं, जबकि 16 चीते फिलहाल जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। वहीं गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में मौजूद चार चीतों को मिलाकर देश में चीतों की कुल संख्या 55 बताई गई है।
एक नजर में गौरव
मूल नाम: एल्टन
मूल देश: नामीबिया
भारत आगमन: 17 सितंबर 2022
उम्र: 10 वर्ष से अधिक
रेस्क्यू: 12 सितंबर 2026
मौत: 21 सितंबर 2026
मौत का अंतिम कारण: पोस्टमार्टम व सैंपल जांच के बाद स्पष्ट होगा
कूनो में चीते: 51
गांधी सागर में: 4
देश में कुल: 55
फिलहाल गौरव की मौत का अंतिम कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। उसकी मौत ने चीता पुनर्वास परियोजना के तहत वन्यजीवों की स्वास्थ्य निगरानी और प्रबंधन को लेकर एक बार फिर ध्यान केंद्रित किया है।








