गोपालपुर समिति में ‘प्रबंधक कौन?’
विभाग से नियुक्त प्रबंधक से बाबूगिरी, सेल्समैन को वर्षों से प्रबंधक का जिम्मा देने का आरोप; शिकायतों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल..!
छिंदवाड़ा। चौरई विकासखंड की गोपालपुर सेवा सहकारी समिति में प्रबंधकीय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि विभाग द्वारा समिति प्रबंधक के रूप में नियुक्त रंगढाले को प्रबंधक की जिम्मेदारी के बजाय समिति में बाबू का काम कराया जा रहा है, जबकि सेल्समैन विजय शर्मा को लंबे समय से प्रबंधक की जिम्मेदारी सौंपकर रखा गया है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि विभाग ने रंगढाले की नियुक्ति समिति प्रबंधक के रूप में की है, तो उन्हें प्रबंधकीय दायित्व से अलग रखकर बाबू का काम किस व्यवस्था या आदेश के तहत कराया जा रहा है? वहीं, दूसरी ओर एक सेल्समैन को वर्षों से प्रबंधक की जिम्मेदारी दिए जाने की व्यवस्था किस नियम के तहत जारी है, यह भी जांच का विषय बन गया है।
किसानों की शिकायतों के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विजय शर्मा को प्रबंधक का दायित्व दिए जाने को लेकर पूर्व में भी शिकायतें की गई हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में सवाल जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं।
महाप्रबंधक की भूमिका पर भी उठे सवाल
गोपालपुर समिति की इस कथित व्यवस्था को लेकर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के महाप्रबंधक की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विभागीय नियुक्ति के बावजूद प्रबंधक को उनके मूल दायित्व से अलग रखा जाना और सेल्समैन को लंबे समय तक प्रबंधकीय जिम्मेदारी देना अधिकारियों की जानकारी और अनुमति के बिना संभव नहीं है।
अब सवाल यह है कि गोपालपुर समिति में वास्तविक प्रबंधक कौन है—विभाग द्वारा नियुक्त रंगढाले या सेल्समैन विजय शर्मा?
यदि व्यवस्था नियमों के अनुरूप है तो संबंधित अधिकारी इसका आदेश और नियम सार्वजनिक करें। और यदि व्यवस्था नियम विरुद्ध है तो वर्षों से चली आ रही इस व्यवस्था पर कार्रवाई कब होगी?
टीप/मामले में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से जवाब और संबंधित आदेशों की जानकारी मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।








