मिस प्रिंट वाले नोटों के लिए छपा होता है स्टार।
अजयचाँद राव टंडन के नोटों के खजाने में स्टार वाले भी कई नोट हैं उन्होंने बताया कि स्टार उन नोटों की सीरीज में छपा होता जो नोट बैंक नोट प्रेस में या तो मिस प्रिंट हो जाती है या उसके सीरियल में कोई गलती हो जाती है उस नोट को रिप्लेस करके इसकी हुबहू नंबर की दूसरे नोट छापे जाते हैं जिनके बीच में स्टार का चिन्ह लगाया जाता है यह नोट बिल्कुल चलन में होते हैं।
जेनेटिक बीमारी से हैं पीड़ित।
अजय चाँदराव टण्डन ने बताया कि उन्हें
ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा यह एक जेनेटिक बीमारी है जिसे ब्रिटल बोन डिजीज भी कहते हैं। इसमें शरीर ठीक से कोलेजन नहीं बना पाता, जिससे हड्डियां बिना किसी खास वजह या मामूली झटके से बार-बार टूटती हैं,उनके शरीर में बचपन से यह बीमारी है जिसकी वजह से क़रीब 37 क्रेक उनके शरीर मे हैं, इसके पहले अजय चाँद राव टंडन महाराष्ट्र के संभाजी नगर में रहते थे कुछ महीना पहले ही वे छिंदवाड़ा में शिफ्ट हुए हैं।
छिन्दवाड़ा। 68 साल के अजय चांदनारायण टंडन को एक जन्मजात बीमारी है जिसकी वजह से लगातार उनकी हड्डियां टूटती गई और करीब 37 फैक्चर उनके शरीर में है लेकिन उनका एक जुनून कम नहीं हुआ अजय चाँदराव टंडन के पास ऐसी करेंसियों का यूनिक कलेक्शन है जिसमें 17 देश की करेंसी के अलावा भारत की ऐसी नोट आपको मिलेगी जो आपने कहीं ना तो देखा होगा और ना ही शायद उनके बारे में सुना होगा। देखिए महेंद्र राय की रिपोर्ट।
लगातार टूटती हड्डियों के बीच भी नहीं रुका जुनून यूनिक करंसी का खजाना।
जन्मजात बीमारी के कारण शरीर में 37 से ज्यादा फैक्चर हैं, उम्र के साथ इस बीमारी के साइड इफेक्ट गंभीर होते जा रहे हैं। लेकिन अनोखे नोटों के कलेक्शन के जज्बे ने इन्हें मशहूर कर दिया। बैंक में बतौर कैशियर 37 सालों की सेवाओं के दौरान अजय टंडन ने अनोखे नोटों का ऐसा खजाना संजोया है जो कि अब एंटीक बन गया। हजारों रुपए के इन नोटों की कीमत वर्तमान में लाखों में आंकी जा रही है। आम लोगों के लिए नोट भले ही लेनदेन का माध्यम हैं, रिटायर्ड बैंक कर्मचारी अजय चांदनारायण टंडन के लिए यह इतिहास को सहेजने का जुनून है साल 1980 में हैदराबाद में नेशनलाइ बैंक में बतौर कैशियर पदस्थ हुए अजय टंडन को एक ग्राहक ने मिस प्रिंट वाल एक नोट वापस किया था। इस नोट कं देखकर उन्होंने इसे अपने पर्सनल खजाने में रख लिया। धीरे-धीरे मिस प्रिंट वाले नोट, अधूरे छपे नोट, अनोखी सीरीज वे नोटों का कलेक्शन बढ़ने लगा। हैदराबाद से लेकर औरंगाबाद तक अनोखे नोटं के कलेक्शन के लिए मशहूर हुए टंडन के पास लोग ऐसे नोट मिलने पर खुद है पहुंचने लगे।
आरबीआई ने बर्मा के लिए छापी थी नोट में लगी है सील।
टंडन के खजाने में एक रुपए का एक नोट भी है, जो कि भारतीय रिजर्व बैंक का है, जिसे भारत ने आजादी के पहले बर्मा के लिए छापा था। इस भारतीय नोट पर एक सील लगाई गई थी, जिसके जरिए यह पड़ोसी देश बर्मा में लीगल टेंडर बना था। इसके अलावा उनके पास प्लास्टिक के भी नोट हैं।
17 देशों के नोट में प्लास्टिक के नोट भी
नोटों के खजाने में बेहरीन, इंडोनेशिया, नेपाल, बंगलादेश, चाईना, फिलिपींस, तुर्की, भूटान, केन्या, यूएई, मालद्वीव, तजाकिस्तान, यूएसए, जॉर्डन सहित न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के प्लास्टिक के नोट भी शामिल हैं। चाइना का सबसे छोटा नोट जो कि एक रुपए के नोट से भी छोटा नोट है टंडन के खजाने में मिस प्रिंट वाले नोट बहुत ही आकर्षक हैं। इनमें एक साइड प्रिंट, अधूरे नम्बर, एक साइड कोरे नोट में सिर्फ नम्बर, एक ही नोट पर डबल प्रिंट जैसी कई डिजाइनों वाले नोट हैं। जो कि रिवर्ज बैंक में जमा करने पर चलन से बाहर हो जाते, लेकिन टंडन ने इन्हें अपने खजाने का हिस्सा बना लिया।
एक प्रकार के छपते हैं 10 लाख नोट,नोटों की सीरीज की अलग कहानी।
786 सीरीज, 0001, एक ही सीरीज के नोट, सीरीज का पहला और आखिरी नोट, 8-8 सीरीज के नोट जैसे कई ऐसे नोटों का 100 कलेक्शन है जो कि अपने आप में दुर्लभ और अनोखी कहानी संजोए हुए है। अजय चांदनारायण टंडन ने ईटीवी भारत को बताया कि आरबीआई किसी भी नोट को 10 लाख की संख्या में छपता है इसमें से एक नोट ऐसा होता है सिक्स डिजिट में 9 की संख्या होती है तो वहीं अंतिम 10 लाख की संख्या सात नंबर में होती है इसकी सीरीज भी उनके पास है।








