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अवैध अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, बोलेरो सहित 8.50 लाख का माल जब्त

अवैध अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, बोलेरो सहित 8.50 लाख का माल जब्त
गांव-गांव तक पहुंच रही अवैध शराब! पुलिस कार्रवाई के बीच आबकारी विभाग की सक्रियता पर सवाल

रिपोर्ट -रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा। जिले में अवैध शराब के कारोबार और उसके कथित नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर के विभिन्न इलाकों तक अवैध शराब की बिक्री और परिवहन की शिकायतें सामने आती रही हैं। ताजा मामले में देलाखारी चौकी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बोलेरो वाहन से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिलने के बाद चौकी प्रभारी एवं पुलिस टीम ने रात्रि करीब एक बजे सांघाखेड़ा क्षेत्र में नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान मुखबिर द्वारा बताए गए नंबर की सफेद बोलेरो MP44 BC 1658 वहां पहुंची, जिसे रोककर तलाशी ली गई।
वाहन की जांच के दौरान पीछे की सीट पर McDowell’s No.1 Celebration अंग्रेजी शराब की 6 पेटियां रखी मिलीं। प्रत्येक पेटी में 180 एमएल के 48 क्वार्टर पाए गए। पुलिस के मुताबिक कुल 288 क्वार्टर, अर्थात 51.840 लीटर शराब जब्त की गई।
8 लाख की बोलेरो सहित कुल 8.50 लाख की जब्ती
पुलिस द्वारा जब्त सामग्री में शामिल है—
06 पेटी अंग्रेजी शराब — 51.840 लीटर — अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये
बोलेरो वाहन MP44 BC 1658 — अनुमानित कीमत 8 लाख रुपये
कुल जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 8 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
रामसिंह पिता सुमरसिंह अखाड़ी, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम सांघाखेड़ा, थाना तामिया, जिला छिंदवाड़ा।
नाराण भोपा पिता झब्बू सिंह भोपा, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम सांघाखेड़ा, थाना तामिया, जिला छिंदवाड़ा।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों के पास शराब के परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं पाए गए। मौके पर पंचनामा एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई के बाद आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस कर रही कार्रवाई, लेकिन आबकारी विभाग की सक्रियता पर सवाल
जिले में लगातार सामने आ रहे अवैध शराब परिवहन और बिक्री के मामलों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की उपलब्धता और बिक्री को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले के कई गांवों में अवैध शराब आसानी से पहुंच रही है और शराब तस्करों का नेटवर्क सक्रिय है। हालांकि इन आरोपों और शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
सवाल यह है कि जब पुलिस मुखबिर तंत्र के माध्यम से शराब तस्करी के मामलों का खुलासा कर रही है, तो अवैध शराब के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई कितनी प्रभावी है?
बड़े नेटवर्क तक कब पहुंचेगी कार्रवाई?
छिंदवाड़ा जिले में लगातार हो रही शराब जब्ती की घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि केवल वाहन और शराब पकड़ने तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय पुलिस एवं आबकारी विभाग को शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और अंतिम बिक्री केंद्रों तक पहुंचकर जांच करनी होगी।
अब देखना होगा कि इस मामले की जांच केवल दो आरोपियों तक सीमित रहती है या फिर पुलिस अवैध शराब के पीछे काम कर रहे संभावित बड़े नेटवर्क तक भी पहुंचने में सफल होती है।