मुख्यमंत्री के सामने शिकायतों पर बड़ा एक्शन
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज, तहसीलदार-सीएमएचओ सहित कई अफसरों पर कार्रवाई
रामकुमार राजपूत | छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा /मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को छिंदवाड़ा में आयोजित जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में लंबित शिकायतों के निराकरण की समीक्षा के दौरान कई विभागों की गंभीर लापरवाही सामने आई। शिकायतों के निराकरण में देरी और प्रशासनिक उदासीनता पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
चार साल बाद मिली सहायता राशि, वेतन वृद्धि रोकी
चौरई निवासी एक महिला की शिकायत पर जांच में सामने आया कि पति की मृत्यु के बाद मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि लगभग चार वर्ष की देरी से प्रदान की गई। मामले में जनपद पंचायत चौरई के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी और श्रम पदाधिकारी की एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के निर्देश दिए गए।
प्रसूति सहायता योजना में लापरवाही, सीएमएचओ निलंबित
प्रसूति सहायता योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की जांच में अनमोल पोर्टल पर गलत पंजीयन के कारण हितग्राही को योजना से वंचित पाए जाने पर इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया। मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
पीएम किसान योजना में गड़बड़ी, तहसीलदार और पटवारी निलंबित
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में गलत प्रतिवेदन देने और किसान का समय पर पंजीयन नहीं कराने के मामले में हल्का पटवारी और परासिया तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रभावित किसान को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए गए।
राजस्व रिकॉर्ड सुधार में 8 माह की देरी, एसडीएम को नोटिस, तहसीलदार-पटवारी पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित समाधान कार्यक्रम में राजस्व अभिलेखों में नाम सुधार के मामले में आठ माह की देरी और बिना वास्तविक समाधान किए शिकायत का फोर्स क्लोज किए जाने का मामला सामने आया। शिकायत की जांच के बाद चौरई के एसडीएम प्रभात मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं तहसीलदार उमराज वालरे एवं संबंधित हल्का पटवारी की एक-एक वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के आदेश दिए गए। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
मत्स्य संपदा योजना की लंबित राशि तत्काल देने के निर्देश
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत स्वीकृत परियोजना की लंबित अनुदान राशि का भुगतान नहीं होने पर सहायक संचालक, मत्स्य विभाग को तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचना चाहिए। शिकायतों के निराकरण में लापरवाही, गलत प्रतिवेदन और अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।








