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कम बारिश ने बढ़ाई चिंता, जल संकट से निपटने सांसद ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

कम बारिश ने बढ़ाई चिंता, जल संकट से निपटने सांसद ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

छिंदवाड़ा-पांढुर्णा में पेयजल और पशुधन के लिए अभी से तैयारी पर जोर, जलस्रोतों के संरक्षण व नल-जल योजनाओं की समीक्षा के निर्देश

छिंदवाड़ा। जिले में कम वर्षा के चलते आगामी महीनों में संभावित पेयजल संकट को लेकर सांसद ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो गर्मी के दिनों में आमजन के साथ-साथ पशुधन के लिए भी पानी की समस्या खड़ी हो सकती है। इसे देखते हुए सांसद ने छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के कलेक्टरों को पत्र लिखकर अभी से आवश्यक तैयारियां शुरू करने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

भूजल स्तर गिरने की आशंका

सांसद ने पत्र में कम बारिश के कारण भूजल स्तर प्रभावित होने तथा आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की संभावनाओं का उल्लेख किया है। उन्होंने प्रशासन से संभावित संकट वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां समय रहते वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

तालाब-कुएं और स्टॉप डैम के पुनर्जीवन पर जोर

जल संरक्षण को लेकर वर्षा जल संचयन एवं भंडारण की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ ही पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण की बात कही गई है। तालाब, कुएं, बावड़ी और स्टॉप डैम सहित अन्य जलस्रोतों के संधारण एवं आवश्यकतानुसार पुनर्जीवन के कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए गए हैं।

हैंडपंप और नल-जल योजनाओं की हो समय रहते मरम्मत

सांसद ने आगामी गर्मी को देखते हुए नल-जल योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने तथा जहां आवश्यक हो वहां वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। उद्देश्य यह है कि गर्मी के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति प्रभावित न हो।

कलेक्टरों से मांगी प्रारंभिक तैयारी और कार्ययोजना

सांसद ने दोनों जिलों के कलेक्टरों से प्रशासन द्वारा अब तक की गई प्रारंभिक तैयारियों तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि प्रशासन संभावित जल संकट को लेकर जमीनी स्तर पर कितनी जल्दी तैयारी शुरू करता है और चिन्हित क्षेत्रों में पेयजल के स्थायी एवं वैकल्पिक इंतजाम किस तरह सुनिश्चित किए जाते हैं।