कहीं दाग न लग जाए! सीएम दौरे से पहले अलर्ट मोड में जिला प्रशासन
जन विश्वास अभियान का छिंदवाड़ा से होगा शुभारंभ, शिकायतों और व्यवस्थाओं पर अधिकारियों की बढ़ी चिंता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 7 अगस्त को छिंदवाड़ा से ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का शुभारंभ करेंगे।
रिपोर्ट – रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित छिंदवाड़ा दौरे और जन विश्वास अभियान के शुभारंभ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है। जिले में लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं और सभी विभागों के अधिकारियों को व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी न रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक अमला कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटा है।
सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर बताई जा रही है कि मुख्यमंत्री के समक्ष किन-किन विभागों से जुड़ी शिकायतें पहुंच सकती हैं। इसी कारण विभागीय स्तर पर लंबित मामलों, साफ-सफाई, रिकॉर्ड और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी गई है। कलेक्टर द्वारा सभी विभागों से तैयारियों की जानकारी लेकर नियमित समीक्षा की जा रही है।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने वाले कुछ लोग भी अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखने की तैयारी में हैं। यदि ऐसा होता है तो कई विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुछ लोग कथित रूप से दस्तावेजों के साथ अलग-अलग विभागों में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध भी शिकायतें तैयार की गई हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और इनका प्रभाव क्या होगा, यह मुख्यमंत्री के दौरे के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

जनसुनवाई करते छिंदवाड़ा में अधिकारी
जनता के मन में बड़ा सवाल
मुख्यमंत्री के इस दौरे को लेकर आम लोगों के बीच भी चर्चा है कि क्या वे जिले की वास्तविक समस्याओं से रूबरू हो पाएंगे या केवल चयनित लोगों से मुलाकात कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे? यदि सरकारी व्यवस्था पूरी तरह सुचारु है, तो फिर हर सप्ताह आयोजित होने वाली जनसुनवाई में बड़ी संख्या में शिकायतकर्ता क्यों पहुंचते हैं? यह सवाल अब भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।








