8 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
यूरिया की टोकन व्यवस्था खत्म करने, आदिवासियों को वन पट्टे, रिक्त पदों पर भर्ती और महंगाई कम करने की उठी मांग
रिपोर्ट -रामकुमार राजपूत
छिंदवाड़ा। विभिन्न जनहित एवं आदिवासी हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर महामहिम राज्यपाल के नाम 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में किसानों, आदिवासियों, युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की गई।

ज्ञापन में किसानों को यूरिया एवं अन्य उर्वरक पहले की तरह बिना टोकन व्यवस्था के उपलब्ध कराने तथा पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों में कमी करने की मांग उठाई गई। इसके अलावा वर्षों से वन भूमि पर काबिज आदिवासियों को वनाधिकार पट्टे देने एवं अतिक्रमण के नाम पर बेदखली की कार्रवाई रोकने की मांग भी की गई।

ज्ञापन में छिंदवाड़ा जिले की कन्हान, दूधी, शक्कर एवं हरदू नदियों पर आदिवासी भूमि पर बनाए जा रहे बड़े बांधों को निरस्त करने तथा शहर के आसपास कथित रूप से गैर-आदिवासियों को हस्तांतरित आदिवासी भूमि की जांच कर दोषी पाए जाने पर जमीन मूल मालिकों को लौटाने की मांग भी शामिल है।
इसके साथ ही आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों, अस्पतालों में डॉक्टरों की नियुक्ति, आदिवासी वर्ग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती तथा नीट पेपर लीक मामले में आंदोलनरत छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग भी ज्ञापन में की गई। ज्ञापन में नीट पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन सौंपने वालों ने राज्यपाल से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई कर आमजन, किसानों और आदिवासी समाज को राहत प्रदान करने का आग्रह किया।








