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जनजातीय विभाग में करोड़ों के मरम्मत कार्यों पर सवाल, ठेकेदार–इंजीनियर की मिलीभगत के आरोप

जनजातीय विभाग में करोड़ों के मरम्मत कार्यों पर सवाल, ठेकेदार–इंजीनियर की मिलीभगत के आरोप
परासिया के छात्रावासों और आश्रम शालाओं में पुराने कार्यों के नाम पर दोबारा भुगतान का दावा, अपात्र ठेकेदार को लाभ पहुंचाने की शिकायत

रिपोर्ट रामकुमार राजपूत

मोबाइल -8689115284


छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग के परासिया विकासखंड में छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं के मरम्मत कार्यों को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि विभाग के एक सहायक यंत्री और एक ठेकेदार की कथित मिलीभगत से मरम्मत कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के फर्जी बिल बनाकर भुगतान कराया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, जिन कार्यों का निर्माण या मरम्मत पूर्व वर्षों में तत्कालीन अधीक्षकों एवं पुराने ठेकेदारों द्वारा कराया जा चुका था, उन्हीं कार्यों को वर्तमान में पुनः दर्शाकर भुगतान किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई छात्रावासों और आश्रम शालाओं में वास्तविक स्थिति और कागजी भुगतान में बड़ा अंतर दिखाई देता है।


अपात्र ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर एक ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
आरोप इस प्रकार हैं:
निविदा क्रमांक 2025 TAD-400776_1 में संबंधित ठेकेदार द्वारा कथित रूप से विद्युत लाइसेंस एवं शपथ पत्र से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिनकी वैधता पर शिकायतकर्ताओं ने प्रश्न उठाए हैं। इसके बावजूद निविदा स्वीकृत किए जाने का आरोप लगाया गया है।
निविदा क्रमांक 2026 TAD-477500_1 में शिकायत के अनुसार इंजीनियर की डिग्री और शपथ पत्र अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से संलग्न किए गए। इसके बावजूद संबंधित ठेकेदार को पात्र घोषित कर मरम्मत कार्य आवंटित किए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पूरी प्रक्रिया में संबंधित सहायक यंत्री की भूमिका संदिग्ध रही और नियमों को दरकिनार कर ठेका आवंटित किया गया।


पुराने कार्यों पर दोबारा भुगतान का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि परासिया विकासखंड के कई छात्रावासों में पूर्व में पूर्ण हो चुके निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को वर्तमान कार्य दर्शाकर लाखों रुपये के बिल तैयार किए गए और भुगतान कराया गया। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता है। क्योंकि आदिवासी बालक आश्रम अंबाडा में विगत वर्ष पहले जो निर्माण कार्यों किये गये थे उसी काम को नया बताकर भुगतान किया जा रहा है ठेकेदार असलम खान को उसी प्रकार पलाड़ा में अभी नया भवन बना है उसी में मरम्मत कार्य जैसे पुरानी , पुट्टी वर्क , भवन की छत का काम दिखकर
लाखों रुपए का भुगतान किया गया ! जबकि एक साल पहले ही ये भवन बना है तो इस भवन में पुताई एंव मरम्मत का सवाल ही नहीं !

आदिवासी बालक आश्रम अंबाडा की स्थिति विकासखंड परासिया

भौतिक सत्यापन और उच्च स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर, आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग एवं लोकायुक्त से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने, सभी मरम्मत कार्यों का भौतिक सत्यापन कराने तथा संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
(नोट: यह समाचार शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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