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भूख, बदहाल व्यवस्था और अनसुनी शिकायतें: आखिर कब सुधरेगी छिंदवाड़ा के आदिवासी छात्रावासों की तस्वीर?

भूख, बदहाल व्यवस्था और अनसुनी शिकायतें: आखिर कब सुधरेगी छिंदवाड़ा के आदिवासी छात्रावासों की तस्वीर?
तामिया से हर्रई, जुन्नारदेव से बिछुआ तक भोजन व्यवस्था पर उठते सवाल, छात्र-छात्राओं को बार-बार धरने का सहारा
रिपोर्ट: रामकुमार राजपूत | छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा जिले में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों की भोजन व्यवस्था एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। पिछले कुछ समय में जिले के अलग-अलग विकासखंडों—तामिया, हर्रई, जुन्नारदेव और बिछुआ—से भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और शिकायतों के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आखिर आदिवासी छात्र-छात्राओं को अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए बार-बार आंदोलन क्यों करना पड़ रहा है।
तामिया: बारिश में धरने पर बैठे छात्र, बोले—’कलेक्टर से मिलेंगे तभी उठेंगे’


सोमवार को तामिया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को लेकर प्रदर्शन किया। छात्र सुबह से ही बारिश के बीच धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि लंबे समय से खराब भोजन मिलने की शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग रखी कि उनकी बात सीधे जिला कलेक्टर तक पहुंचाई जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। छात्रों ने आरोप लगाया कि कई बार भोजन में कीड़े मिलने जैसी शिकायतें भी की गई हैं। इन आरोपों की प्रशासनिक स्तर पर जांच की जा सकती है।
हर्रई: खिचड़ी में इल्ली मिलने का मामला..


हर्रई विकासखंड के एकलव्य आवासीय कन्या परिसर में भोजन में इल्ली मिलने की शिकायत सामने आई थी। छात्राओं ने बताया कि खिचड़ी परोसे जाने के दौरान उसमें इल्ली दिखाई दी, जिसके बाद उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचने के बाद जांच शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई।
जुन्नारदेव: भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का विरोध


जुन्नारदेव के एकलव्य कन्या छात्रावास में भी भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। छात्राओं का आरोप था कि भोजन में बार-बार खराब सामग्री मिलने की शिकायतों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। छात्राओं ने छात्रावास परिसर के बाहर धरना देकर अपनी नाराजगी जताई और बेहतर भोजन व्यवस्था की मांग की। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी आवश्यक है।
बिछुआ (सिंगारद्वीप): लगातार उठ रहे सवाल..!


बिछुआ के सिंगारद्वीप स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय को लेकर भी भोजन की गुणवत्ता और छात्रावास व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ छात्राओं और अभिभावकों द्वारा भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है।
एक पैटर्न की ओर इशारा?
जब जिले के अलग-अलग विकासखंडों से एक जैसी शिकायतें सामने आती हैं, तो यह केवल किसी एक छात्रावास का मामला नहीं रह जाता, बल्कि पूरी व्यवस्था की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। छात्र-छात्राओं का बार-बार धरने पर बैठना यह संकेत देता है कि उनकी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर पड़ रहा है।
जवाबदेही तय करने की जरूरत
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित इन आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी बच्चों को सुरक्षित आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। यदि भोजन व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, तो संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करना और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
प्रशासन से अपेक्षा
जिले में सामने आए इन मामलों को देखते हुए आवश्यकता है कि जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग सभी एकलव्य विद्यालयों एवं छात्रावासों की भोजन व्यवस्था, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था का व्यापक निरीक्षण कराए। यदि कहीं भी लापरवाही या अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में छात्रों को अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन का सहारा न लेना पड़े।
(नोट: इस रिपोर्ट में उल्लिखित कई आरोप छात्र-छात्राओं और स्थानीय शिकायतों पर आधारित हैं। संबंधित मामलों में प्रशासनिक जांच या विभागीय कार्रवाई के निष्कर्ष आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। संबंधित अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)