मौत के बाद खुली स्वास्थ्य विभाग की नींद!
आधा दर्जन से अधिक कथित झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक सील, कार्रवाई पर उठे सवाल—पहले क्यों नहीं हुई जांच?
रिपोर्ट : रामकुमार राजपूत
हर्रई, 19 जुलाई 2026
हर्रई (छिंदवाड़ा)। हर्रई क्षेत्र में एक महिला की कथित तौर पर झोलाछाप डॉक्टर से उपचार के बाद हुई मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद विभाग ने अचानक अभियान चलाते हुए आधा दर्जन से अधिक कथित झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिकों पर कार्रवाई कर उन्हें सील कर दिया। विभागीय कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर संचालित क्लीनिकों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान जहां आवश्यक पंजीकरण, अनुमति अथवा दस्तावेज नहीं पाए गए, वहां नियमानुसार सील करने की कार्रवाई की गई। विभाग का कहना है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा।
रानी वर्मा बीएमओ
हालांकि, इस कार्रवाई ने कई असहज सवाल भी खड़े कर दिए हैं। यदि इतने बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं मौजूद थीं, तो विभाग की नियमित निगरानी व्यवस्था अब तक कहां थी? क्या शिकायतों के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी? इन सवालों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिना वैध अनुमति इलाज किए जाने की शिकायतें सुनने को मिलती रही हैं। लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि कहीं लापरवाही हुई है, तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
श्री-पुष्पेंद्र पांडे नायब तहसीलदार
फिलहाल महिला की मौत के मामले की जांच जारी है। यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका सामने आती है तो उनके विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ताजा कार्रवाई ने यह संकेत जरूर दिया है कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों पर निगरानी अब जांच के दायरे में है, लेकिन यह भी अपेक्षा की जा रही है कि अभियान केवल घटना के बाद की प्रतिक्रिया बनकर न रह जाए, बल्कि नियमित व्यवस्था का हिस्सा बने।








