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चार माह से वेतन को तरसे पंचायत सचिव, तामिया में फूटा आक्रोश‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ : सचिव संगठन ने दी काम बंद-कलम बंद सामूहिक हड़ताल की चेतावनी

चार माह से वेतन को तरसे पंचायत सचिव, तामिया में फूटा आक्रोश
‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ : सचिव संगठन ने दी काम बंद-कलम बंद सामूहिक हड़ताल की चेतावनी

छिंदवाड़ा। शासन की ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने वाले ग्राम पंचायत सचिव आज स्वयं आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जनपद पंचायत तामिया अंतर्गत कार्यरत पंचायत सचिवों को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना तक मुश्किल हो गया है। लगातार वेतन भुगतान न होने से नाराज सचिवों ने अब आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है और जल्द भुगतान नहीं होने पर काम बंद-कलम बंद सामूहिक हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

संभागीय अध्यक्ष टीकाराम साहू

इसी मांग को लेकर पंचायत सचिव संगठन के पदाधिकारियों एवं सचिवों ने सोमवार को जनपद पंचायत तामिया पहुंचकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मोनिका झारिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सचिवों ने अपनी आर्थिक परेशानियों से अवगत कराते हुए तत्काल चार माह का लंबित वेतन जारी कराने की मांग की।


पंचायत सचिव संगठन के संभागीय अध्यक्ष टीकाराम साहू ने बताया कि सचिवों को लगातार चार माह से वेतन नहीं मिला है। ऐसे में अधिकांश सचिवों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जिन सचिवों ने बैंक से मकान या वाहन ऋण लिया है, वे समय पर मासिक किस्त जमा नहीं कर पा रहे हैं। बैंक नोटिस और वसूली की कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बन रहा है।


उन्होंने कहा कि बच्चों की स्कूल फीस, घरेलू खर्च, इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद पंचायत सचिव शासन की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ संचालित कर रहे हैं। लेकिन लगातार वेतन न मिलने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
संगठन का कहना है कि यदि शीघ्र वेतन भुगतान नहीं किया गया तो सचिव मजबूर होकर काम बंद-कलम बंद आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सचिवों ने चेतावनी दी है कि आंदोलन की स्थिति में पंचायतों का नियमित कार्य, प्रमाण पत्रों का निष्पादन, योजनाओं की मॉनिटरिंग और अन्य प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।


सचिवों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान निकालेगा, ताकि उन्हें आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े।
चार माह से रुकी तनख्वाह, बढ़ी परेशानी
बैंक ऋण की किस्तें जमा नहीं हो पा रहीं
बच्चों की फीस भरने में हो रही दिक्कत
घरेलू खर्च चलाना हुआ मुश्किल
सचिवों में बढ़ रहा आक्रोश
जल्द भुगतान नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी

पिछले चार माह से वेतन नहीं मिलने के कारण पंचायत सचिव गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो सचिव संगठन काम बंद-कलम बंद आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।” — टीकाराम साहू, संभागीय अध्यक्ष, पंचायत सचिव संगठन
रिपोर्ट : रामकुमार ठाकुर, तामिया/छिंदवाड़ा