एक साल बाद भी नहीं मिला मृत कर्मचारी के परिवार को भुगतान, जनजातीय कार्य विभाग पर उठे सवाल.!
परिजनों को शीघ्र राहत देने की मांग
छिंदवाड़ा। जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत दिवंगत कर्मचारी कमलसिंह भारती के परिजनों को कथित रूप से एक वर्ष बीत जाने के बाद भी भविष्य निधि (पी.एफ.) एवं अन्य देय लाभों का भुगतान नहीं मिलने का मामला सामने आया है। इस संबंध में चतुर्थ श्रेणी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भुवनलाल मालवीय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तामिया बीआरसी कार्यालय में पदस्थ कमलसिंह भारती की 17 जुलाई 2025 को शासकीय कार्य से लौटते समय सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। बताया गया है कि वे पातालकोट क्षेत्र के चैरा पठार निवासी थे।

मालवीय ने आरोप लगाया कि मृतक कर्मचारी की पत्नी रंजना भारती द्वारा पी.एफ. राशि एवं अन्य देय लाभों के भुगतान के लिए पिछले लगभग एक वर्ष से लगातार आवेदन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। उनके अनुसार, परिवार वर्तमान में आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है और मृतक की पत्नी मध्यान्ह भोजन कार्य के माध्यम से अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया है कि परिजनों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला। मालवीय ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अन्य मामलों में भी मृत कर्मचारियों के परिवारों को देयकों के भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है।

उन्होंने प्रशासन एवं विभाग से मांग की है कि मामले की जांच कर पात्र हितग्राहियों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
(नोट: समाचार में उल्लिखित तथ्य एवं आरोप प्रेस विज्ञप्ति में व्यक्त दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।)








