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अवैध रेत कारोबार पर सवालों के घेरे में प्रशासन, बटकाखापा क्षेत्र में कार्रवाई का इंतजार..?

अवैध रेत कारोबार पर सवालों के घेरे में प्रशासन, बटकाखापा क्षेत्र में कार्रवाई का इंतजार.!
नदी घाटों से लगातार उठ रही रेत, जिम्मेदार विभागों की निगरानी पर उठे सवाल..?
छिंदवाड़ा (हर्रई/बटकाखापा)बटकाखापा क्षेत्र के अतरिया, अंबावाड़ी और खिरकी घाटों में कथित अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि दिन और रात दोनों समय बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वाहनों के पास वैध रॉयल्टी, फिटनेस और अन्य आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं तो प्रशासन को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, और यदि दस्तावेज नहीं हैं तो फिर इतने लंबे समय से कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यही सवाल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


क्या शिकायतों के बाद भी नहीं जागा तंत्र?
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभागों तक शिकायतें पहुंचाई गईं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दिया। इससे यह धारणा बन रही है कि या तो निगरानी व्यवस्था कमजोर है या फिर कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही।
राजस्व और पर्यावरण दोनों पर असर की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी भी क्षेत्र में नियमों के विपरीत रेत उत्खनन होता है तो इससे शासन को राजस्व हानि के साथ-साथ नदी तंत्र और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह, भू-जल स्तर और आसपास की पारिस्थितिकी पर इसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।
जनता पूछ रही है—”कार्रवाई कब?”
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो संबंधित विभागों द्वारा सत्यापन और कार्रवाई की स्थिति क्या है? क्या जांच चल रही है, या फिर शिकायतें सिर्फ फाइलों तक सीमित हैं?
क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सवाल जो जवाब मांग रहे हैं…
क्या नदी घाटों पर नियमित निरीक्षण हो रहा है?
रेत परिवहन करने वाले वाहनों की वैधता की जांच कब हुई?
शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
यदि सब कुछ नियमों के तहत है तो प्रशासन स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करता?

बटकाखापा की जनता अब आरोप नहीं, जवाब चाहती है। प्रशासन की चुप्पी जितनी लंबी होगी, सवाल उतने ही गहरे होते जाएंगे।
नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा उठाई गई शिकायतों, सार्वजनिक चर्चाओं और क्षेत्रीय मुद्दों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित विभागों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।