जनजाति कार्य विभाग में निलंबन अवधि वेतन को लेकर उठे सवाल
“फाइलों के निपटारे में पारदर्शिता पर कर्मचारियों ने जताई आशंका”
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार) | जनजाति कार्य विभाग में निलंबित कर्मचारियों की निलंबन अवधि के वेतन भुगतान से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। विभागीय सूत्रों और कुछ कर्मचारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से कई निलंबित अधीक्षक, शिक्षक एवं अन्य कर्मचारियों की निलंबन अवधि का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। आरोप है कि फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया में देरी के कारण कर्मचारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कुछ कर्मचारियों का यह भी कहना है कि फाइलों में आपत्तियां लगाए जाने और उनके निराकरण की प्रक्रिया में असमान व्यवहार की स्थिति बन रही है, जिससे असंतोष की भावना बढ़ रही है। हालांकि, ये सभी बातें फिलहाल कर्मचारियों और सूत्रों के दावे के रूप में सामने आ रही हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, विभागीय स्तर पर इस विषय पर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से परहेज किया है।
कर्मचारी वर्ग का मानना है कि यदि निलंबन अवधि वेतन भुगतान की प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध किया जाए तो ऐसी शिकायतों पर विराम लग सकता है।
अब देखना यह होगा कि विभाग इस पूरे मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या लंबित फाइलों का निपटारा समय पर हो पाता है या नहीं।








