कुसमैली मंडी में तौल घोटाले की आशंका: 4 असत्यापित कांटे मिलने से किसानों में आक्रोश, जांच के बाद खुली कई परतें
छिंदवाड़ा(पंचायत दिशा समाचार)
जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी कुसमैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। किसानों की लगातार शिकायतों के बाद नापतोल विभाग की जांच में 4 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे बिना सत्यापन के उपयोग करते पाए गए, जिसके बाद किसानों के आरोपों को बल मिला है। विभाग ने संबंधित व्यापारियों एवं संस्थानों के खिलाफ विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 के तहत कार्रवाई की है।
कई महीनों से किसान मंडी में तौल व्यवस्था को लेकर आवाज उठा रहे थे। किसानों का आरोप था कि मंडी में कुछ व्यापारियों एवं तुलावटियों द्वारा ऐसे इलेक्ट्रॉनिक कांटों का उपयोग किया जा रहा है, जिनकी वैध जांच एवं सत्यापन नहीं हुआ था। किसानों का कहना है कि इससे उपज की तौल में गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मंगलवार को नापतोल विभाग ने कृषि उपज मंडी टीम की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्रों का निरीक्षण किया। विभागीय जानकारी के अनुसार, विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम 2011 के तहत वजन परीक्षण किया गया, जिसमें कई कांटे सही पाए गए, लेकिन 4 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे असत्यापित पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के बाद किसानों में यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि बिना सत्यापन के कांटे उपयोग में थे, तो आखिर इतने समय तक जिम्मेदार विभागों की नजर इस पर क्यों नहीं गई। किसानों ने मांग की है कि पूरे मंडी परिसर की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पिछले महीनों की तौल एवं खरीदी रिकॉर्ड की भी जांच हो।
किसानों का कहना है कि मंडी में पारदर्शिता की कमी के कारण उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने को लेकर हमेशा संशय बना रहता है। किसानों ने मंडी प्रशासन से सभी तौल कांटों की नियमित जांच, डिजिटल निगरानी और खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की है।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच नियमित प्रक्रिया का हिस्सा थी और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
किसानों की प्रमुख मांगें
मंडी के सभी तौल कांटों का नियमित सत्यापन
खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता
किसानों को तौल एवं भुगतान की पूरी जानकारी
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
मंडी में सीसीटीवी एवं डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था
नोट: यह समाचार विभागीय कार्रवाई, उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी एवं किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में अंतिम निष्कर्ष सक्षम विभागीय जांच एवं कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।








