गोपालपुर खरीदी केंद्र में अव्यवस्था चरम पर, दो दिन से खुले में पड़ा किसानों का गेहूं..?
तौल पर्ची व चालान नहीं बनने से वेयरहाउस ने माल लेने से किया इनकार, किसान रातभर केंद्र पर डटे..!
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)।
जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी व्यवस्था में गोपालपुर सेवा सहकारी समिति का खरीदी केंद्र अव्यवस्था और लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। यहां 16 अप्रैल से खरीदी शुरू होने के बाद भी किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार 16 अप्रैल को जिन किसानों का गेहूं तौला गया था, वह अब तक वेयरहाउस के अंदर नहीं पहुंच सका है। इसका मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा न तो तौल पर्ची जारी की गई और न ही संबंधित चालान बनाया गया। दस्तावेजों के अभाव में वेयरहाउस प्रबंधन ने गेहूं अंदर लेने से साफ इनकार कर दिया।
इस लापरवाही के चलते किसानों का गेहूं खुले में पड़ा हुआ है, जिससे खराब होने का खतरा बना हुआ है। किसान पिछले दो दिनों से खरीदी केंद्र पर ही डटे हुए हैं और रात में भी वहीं रुकने को मजबूर हैं।

गोपालपुर खरीदी केंद्र की बदहाली
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दावे भले ही बड़े-बड़े किए जा रहे हों, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गोपालपुर सेवा सहकारी समिति के खरीदी केंद्र में किसानों का गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।
तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि सैकड़ों बोरी गेहूं अब तक वेयरहाउस के अंदर नहीं पहुंचाई गई है। तौल के बाद भी पर्ची और चालान नहीं बनने से माल उठान पूरी तरह ठप पड़ा है।
किसान पिछले दो दिनों से यहीं डटे हुए हैं, रात में भी केंद्र पर रुकने को मजबूर हैं। जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी नदारद नजर आ रहे हैं।
अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी, तो खुले में रखा गेहूं खराब होने का खतरा बना हुआ है, जिसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ेगा।
सवाल यह है कि आखिर इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा?
जिम्मेदार अधिकारी नदारद
मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि समिति के जिम्मेदार कर्मचारी और यहां मौजूद नहीं रहे। कंप्यूटर ऑपरेटर भी कुछ समय के लिए पहुंचा और “सर्वर नहीं चल रहा” का हवाला देकर वापस लौट गया। इसके बाद से अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
मजबूरी में किसानों ने एक जगह इकट्ठा करके रख अपनी बोरी..?
गोपालपुर सेवा सहकारी समिति खरीदी केंद्र में दो दिनों से परेशान हो रहे किसानों ने आज मजबूरी में बोरी इक्ट्ठा करके रखें है क्योंकि शनिवार, रविवार,और सोमवार को शासकीय छूटी पढ़ रही है , इसलिए खरीदी केंद्र अब मंगलवार को ही खुलेगा, तब तक हो तो रहेंगे किसान परेशान?
किसानों में आक्रोश
अपनी समस्या को लेकर किसानों ने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। किसानों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
किसानों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि उनका गेहूं सुरक्षित रूप से वेयरहाउस में रखा जा सके और उन्हें अनावश्यक परेशानी से राहत मिल सके।







