नरवाई जलाने पर सख्ती: जिले में 14 एफआईआर दर्ज
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)
जिले में गेहूं कटाई के बाद नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक नरवाई जलाने पर कुल 14 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
कलेक्टर श्री हरेन्द्र नारायण के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने किसानों से अपील की है कि नरवाई जलाने से बचें और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखें।

नरवाई जलाने से नुकसान
मिट्टी के मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं
भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है
अगली फसल के उत्पादन पर असर पड़ता है
📊 जिले में स्थिति
सैटेलाइट से अब तक 497 घटनाएं दर्ज
विकासखंडवार एफआईआर:
अमरवाड़ा – 06
चौरई – 03
बिछुआ – 04
परासिया – 01
बिछुआ व छिंदवाड़ा में 1-1 किसान पर जुर्माना
जागरूकता और कार्रवाई
प्रशासन द्वारा प्रत्येक पंचायत में चौपाल, संगोष्ठी और मुनादी के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम लगातार निगरानी कर रही है और सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जा रही है।
समाधान क्या है?
किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है:
स्ट्रा रीपर से अवशेष प्रबंधन
हैप्पी सीडर / सुपर सीडर से सीधे बुवाई
डीकंपोजर से खाद बनाना
मल्चर व रोटावेटर का उपयोग
प्रशासन की अपील
कलेक्टर एवं कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि
नरवाई न जलाएं
आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करें
फसल अवशेष को खाद में बदलकर खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।







