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छिंदवाड़ा नगर निगम पर बड़ा सवाल: 10 साल से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे (आनंद नगर)वीर सावरकर वार्ड के रहवासी…

सांकेतिक चित्र

छिंदवाड़ा नगर निगम पर बड़ा सवाल: 10 साल से मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा वीर सावरकर वार्ड
छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार)। छिंदवाड़ा नगर पालिका निगम के वार्ड क्रमांक 3 (वीर सावरकर वार्ड), आनंद नगर खजरी रोड के रहवासी पिछले करीब एक दशक से मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। क्षेत्र के नागरिकों का आरोप है कि लगातार शिकायतों और जनप्रतिनिधियों से गुहार के बावजूद न तो पार्षद ने गंभीरता दिखाई और न ही नगर निगम प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाया।


बिजली व्यवस्था बदहाल, हादसों का खतरा..?
स्थानीय लोगों के अनुसार वार्ड में पर्याप्त बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर नहीं हैं। कई जगह अस्थायी कनेक्शन और जर्जर लाइनें जानलेवा साबित हो सकती हैं। बार-बार बिजली गुल होना आम समस्या बन चुकी है, जिससे लोगों में आक्रोश है।
सड़क और पुलिया खस्ताहाल, बरसात में हाल बेहाल
आनंद नगर की सड़कें आज भी कच्ची और टूटी-फूटी हैं। पुलिया की स्थिति इतनी खराब है कि बारिश के मौसम में आवाजाही लगभग ठप हो जाती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पेयजल संकट, 200 घरों के सामने बड़ी चुनौती..?
वार्ड में पेयजल पाइपलाइन का अभाव है। लगभग 200 से अधिक मकानों में रहने वाले लोग नियमित रूप से टैक्स भरने के बावजूद पानी के लिए जूझ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि टैंकर और अस्थायी व्यवस्था पर निर्भर रहना उनकी मजबूरी बन गई है।
जनता का फूटा गुस्सा
क्षेत्रवासियों का कहना है कि “चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीतने के बाद जनप्रतिनिधि नजर तक नहीं आते।” लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
जिम्मेदार कौन?
लगातार 10 वर्षों से बनी इन समस्याओं ने नगर पालिका निगम और वार्ड पार्षद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विकास के दावों के बीच यह वार्ड आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।
प्रशासन से मांग
बिजली खंभे व ट्रांसफार्मर की तत्काल व्यवस्था
सड़क एवं पुलिया का शीघ्र निर्माण
पेयजल पाइपलाइन का विस्तार
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब जागेगा प्रशासन?
जब जनता टैक्स दे रही है, तो सुविधाएं क्यों नहीं मिल रहीं? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह वार्ड यूं ही समस्याओं के अंधेरे में डूबा रहेगा?