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नंगे पांव दौड़े जवान, 3 फीट उठाई बस… 40 जिंदगियां बचाने वाले 105 वीरों को CM का सलाम

नंगे पांव दौड़े जवान, 3 फीट उठाई बस… 40 जिंदगियां बचाने वाले 105 वीरों को CM का सलाम

विशेष रिपोर्ट -ठा.रामकुमार राजपूत

छिंदवाड़ा (पंचायत दिशा समाचार) जिले में हुए दर्दनाक बस हादसे के बीच मानवता और साहस की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। जहां एक तरफ हादसे में 10 लोगों की मौत और 34 से अधिक लोग घायल हुए, वहीं दूसरी ओर पीटीएस रीवा के 105 जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना 40 से ज्यादा लोगों की जिंदगी बचा ली।
नंगे पांव कांच पर दौड़े, बस उठाकर निकाले लोग
पांढुर्ना में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की ड्यूटी खत्म कर जबलपुर लौट रहे ये जवान जैसे ही सिल्लेवाली घाटी पहुंचे, उन्हें सड़क पर लंबा जाम मिला। कुछ ही पलों में पता चला कि आगे एक बस पलट गई है और कई लोग उसके नीचे दबे हैं।
बिना एक पल गंवाए जवान मौके की ओर दौड़ पड़े। कई जवान उस समय जूते उतारकर बैठे थे, लेकिन हालात ऐसे थे कि वे नंगे पांव ही टूटे कांच पर दौड़ पड़े।
घटनास्थल पर पहुंचते ही उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर करीब 3 फीट तक बस को उठाया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
घायलों को भेजा अस्पताल, 2.5 घंटे तक डटे रहे
जवानों ने तुरंत एक गुजरती यात्री बस को रोका, उसमें बैठे यात्रियों को उतारकर घायलों को उसी बस से अस्पताल रवाना किया।
करीब ढाई घंटे तक लगातार राहत और बचाव कार्य चलता रहा। इस दौरान:
कई जवानों के पैर कांच से जख्मी हो गए
वर्दियां खून से सन गईं
कुछ की वर्दी लोहे में फंसकर फट गई
CM ने किया सम्मान और इनाम का ऐलान
डॉ. मोहन यादव ने जवानों के इस अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने इसे “मानवता की सच्ची सेवा” बताया।
हवलदार ने सुनाई पूरी घटना
हवलदार राहुल सिंह के अनुसार,
“अगर हमारी बस रास्ते में इंजन गर्म होने से नहीं रुकती, तो हम हादसे से आगे निकल जाते और इतनी जानें नहीं बच पातीं।”
जज्बा जो मिसाल बन गया
इस हादसे ने जहां एक ओर दर्द दिया, वहीं इन जवानों की बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और इंसानियत का प्रतीक होती है।