सिविल अस्पताल सौसर में ‘टिटनेस इंजेक्शन नहीं’ की गलत जानकारी, 530 डोज स्टॉक में होने के बावजूद मरीज भटके
स्टाफ नर्स की सूचना निकली गलत, प्रबंधन ने दी सिर्फ समझाइश — कार्रवाई पर उठे सवाल
पांढुर्णा / सौसर (पंचायत दिशा समाचार) पांढुर्णा जिलें के सिविल अस्पताल सौसर में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां टिटनेस (टी.टी.) इंजेक्शन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को “इंजेक्शन नहीं है” कहकर लौटा दिया गया।
स्टॉप नर्स ने कहा नहीं है इंजेक्शन,
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे कुछ मरीजों को ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स श्रीमती वंदना गजभिये द्वारा बताया गया कि टिटनेस इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। जबकि बाद में जांच में यह जानकारी पूरी तरह गलत पाई गई।
मामले की जानकारी मिलते ही इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने तुरंत खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश शुक्ला को अवगत कराया। इसके बाद औषधि भंडार की जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि अस्पताल में लगभग 530 टिटनेस इंजेक्शन स्टॉक में मौजूद हैं।
स्थिति स्पष्ट होते ही संबंधित मरीज को तत्काल इंजेक्शन लगाकर उपचार दिया गया।
बड़ा सवाल
हालांकि जांच के बाद तथ्य सामने आने पर संबंधित स्टाफ नर्स को सिर्फ “समझाइश” देकर मामला शांत कर दिया गया, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि—
क्या मरीजों की जान से जुड़े मामले में सिर्फ समझाइश पर्याप्त है?
गलत जानकारी देने पर जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई?
अस्पताल में 530 टी.टी. इंजेक्शन उपलब्ध
मरीज को बताया गया — “इंजेक्शन नहीं है”
डॉक्टर के हस्तक्षेप के बाद मिला उपचार
संबंधित कर्मचारी को सिर्फ समझाइश
कार्रवाई पर उठे सवाल
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए दवा वितरण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं में सूचना की सटीकता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मरीज को समय पर उपचार मिल गया, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर दी गई गलत जानकारी भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है।
“सिविल अस्पताल सौसर – जहां स्टॉक में मौजूद टिटनेस इंजेक्शन को बताया गया अनुपलब्ध”







