सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास चांद अधीक्षिका कई वर्षों से एक ही जगह पर पदस्थ हैं कन्या छात्रावास की व्यवस्थाएं बेपटरी, नियमों को ताक पर रख परिवार के साथ रह रही हैं प्रीति दुबे अधीक्षिका निवास
छिंदवाड़ा (चौथा स्तंभ )विकासखंड चौरई के अंतर्गत आने वाले नगर पालिका परिषद चांद में संचालित सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास इस समय अपनी बदहाली और नियम विरुद्ध कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में है। शासन द्वारा छात्राओं की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए बनाए गए नियमों की यहाँ जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
नियमों की अनदेखी: छात्रावास बना ‘निजी निवास’
ताजा जानकारी के अनुसार, छात्रावास की सुरक्षा और अनुशासन की जिम्मेदारी संभालने वाली अधीक्षिका स्वयं ही नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि अधीक्षिका के साथ उनके पति और बच्चे भी छात्रावास परिसर के भीतर ही निवास कर रहे हैं और छात्रावास कैंपस में फोर व्हीलर गाड़ी खड़ी रहती है गौरतलब है कि आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावासों में पुरुषों का प्रवेश और निवास पूरी तरह प्रतिबंधित होता है, ताकि छात्राओं की निजता और सुरक्षा बनी रहे। लेकिन यहाँ अधीक्षक परिवार खुलेआम कैंपस में रह रहा है।
गंदगी का अंबार और बीमारियों का खतरा
छात्रावास की आंतरिक व्यवस्था के साथ-साथ बाहरी परिवेश भी नारकीय बना हुआ है। कैंपस के चारों ओर लबालब गंदगी पसरी हुई है। उचित साफ-सफाई न होने के कारण छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तालाब बना मुसीबत: सुरक्षा पर सवाल
छात्रावास के ठीक पास में स्थित तालाब अब छात्राओं के लिए मुसीबत और खतरे का सबब बन गया है। तालाब के आसपास कचरे का ढेर लगा हुआ है और सुरक्षा घेरा (बाउंड्री) की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। जलभराव और गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे छात्राओं में संक्रामक बीमारियों के फैलने का भय बना हुआ है।
छात्रावास में बाहरी पुरुषों (अधीक्षिका के परिजनों) की मौजूदगी और गंदगी के इस आलम पर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में रोष है। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग के आला अधिकारियों को इस अनियमितता की जानकारी नहीं है? या फिर जानबूझकर इस गंभीर मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस संबंध में जब जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनकी ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिल सका है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है।
टीप-“जब जिम्मेदार ही नियम तोड़ें, तो बेटियों की सुरक्षा कौन करेगा?”







